बाड़मेर।
रेलवे प्रशासन ने ट्रेनों में पशु-पक्षियों को साथ ले जाने के नियमों के पालन को लेकर सख्ती बरतने के निर्देश जारी किए हैं। बिना उचित बुकिंग एवं आवश्यक दस्तावेजों के साथ पालतू जानवरों को ट्रेन में ले जाने पर संबंधित यात्री के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी तथा ऐसे मामलों में 6 गुना तक जुर्माना वसूला जा सकता है।
उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल के सीनियर डीसीएम हितेश यादव ने बताया कि भारतीय रेलवे द्वारा पशु-पक्षियों के ट्रेन में परिवहन हेतु स्पष्ट दिशा-निर्देश निर्धारित किए गए हैं जिनकी पालना करना यात्रियों के अनिवार्य है।
उन्होंने बताया कि ट्रेन में पालतू कुत्तों को केवल फर्स्ट एसी अथवा फर्स्ट क्लास में ही यात्री के साथ ले जाने की अनुमति है। इसके लिए पूरा कूपे या केबिन आरक्षित होना आवश्यक है तथा सहयात्रियों की सहमति एवं टीटीई की अनुमति भी जरूरी है।
इसके अतिरिक्त कुत्ता,बिल्ली एवं अन्य पालतू जानवरों को पार्सल अथवा ब्रेकवान (लगेज वैन) के माध्यम से भी परिवहन किया जा सकता है। इस स्थिति में जानवर को गार्ड के पास डिब्बे में पहले से स्थापित डॉग बॉक्स में सुरक्षित रूप से रखा जाता है।
जानवरों की बुकिंग हेतु यात्री को यात्रा से पूर्व संबंधित स्टेशन के पार्सल कार्यालय में संपर्क कर आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण करनी होती है,जिसमें जानवर का वजन,निर्धारित प्रपत्र भरना एवं शुल्क जमा करना शामिल है। बुकिंग के उपरांत रेलवे रसीद जारी की जाती है।
उन्होंने बताया कि बुकिंग के लिए पशु चिकित्सक द्वारा जारी स्वास्थ्य प्रमाण पत्र,वैक्सीनेशन प्रमाण पत्र एवं स्वामी का पहचान पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य है। परिवहन शुल्क वजन एवं दूरी के आधार पर निर्धारित किया जाता है, जिस पर 2 प्रतिशत विकास प्रभार एवं 5 प्रतिशत जीएसटी अतिरिक्त देय होता है।
उन्होंने बताया कि ट्रेन में भेड़,बकरी,बछड़ा एवं सुअर जैसे पशुओं को केवल ब्रेकवान में ही बुक किया जा सकता है। बिना बुकिंग पाए जाने पर इन पर भी नियमानुसार 6 गुना जुर्माना लगाया जाएगा।
इसके अतिरिक्त साइकिल, स्कूटर एवं मोटरसाइकिल जैसे सामानों को भी ब्रेकवान में बुक कराना अनिवार्य है। नियमों के उल्लंघन पर न्यूनतम जुर्माना लगाया जा सकता है।रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से कहा है कि वे यात्रा से पहले अपने पालतू जानवरों की विधिवत बुकिंग कराएं, ताकि जुर्माना और असुविधा से बचा जा सके।
वन्य जीव ले जाने के लिए सक्षम प्राधिकारी की अनुमति जरूरी: किसी भी प्रकार के पक्षी या वन्यजीव को ले जाने के लिए सक्षम प्राधिकारी से अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य है। बिना अनुमति ऐसे मामलों में संबंधित विभाग को सूचित किया जाएगा।
यात्रा से पहले अपने पालतू की बुकिंग सुनिश्चित करें: रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पूर्व अपने पालतू जानवरों की विधिवत बुकिंग सुनिश्चित करें एवं निर्धारित नियमों का पालन करें, ताकि अनावश्यक असुविधा एवं दंडात्मक कार्रवाई से बचा जा सके।
*डॉग बॉक्स में कुत्ते ले जाने के निर्धारित नियम*
यात्री कुत्ते को ब्रेकवान में ले जानाचाहता है तब उस यात्री को कुत्ता बुक करवाते समय फारवर्डिंग नोट भरना पड़ता है। कुत्ते को ब्रेकवान में बुक करने के नियम निम्नलिखित हैं -
-कुत्ते के गले में पट्टा बंधा होना चाहिये और उस पट्टे में चैन बंधी होनी चाहिए।
-कुत्ते के गले में एक कार्ड लेबल बंधा होना चाहिये जिस पर यात्री का नाम,पता,यदि कुत्ते का कोई पालतू नाम है तो वह भी लिखा होना चाहिये।
-कुत्ते को रास्ते में खिलाने पिलाने व चढ़ाने उतारने की जिम्मेदारी यात्री स्वयं की होगी।
-कुत्ते के मालिक को भी उसी गाड़ी से यात्रा करनी होगी।
-ब्रेकवान में कुत्ता बुक करने पर प्रत्येक कुत्ते का वजन 30 किग्रा माना जाएगा।
-कुत्ते पर फ्री अलाउन्स नहीं दिया जाएगा।
