जैसलमेर
जैसलमेर जिले के झिझणियाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत जोगीदास का गाँव तेजमालता में कानोड़ (गिड़ा, बालोतरा) निवासी किसान परिवार की महिला हत्थूदेवी पत्नी अमराराम की 21 अप्रैल 2026 की रात्रि में उनके कृषि कुएं पर स्थित घर में नींद में सोते समय खिड़की से गोली मारकर हुई निर्मम हत्या के मामले में मंगलवार को सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल व बायतु विधायक हरीश चौधरी, बाड़मेर पूर्व जिला प्रमुख महेन्द्र चौधरी सहित समाज के प्रतिनिधि किसान परिवार की महिला मृतका हत्थूदेवी के परिजनों बेटे स्वरूपाराम जाट, भाई करनाराम, बहनोई भैराराम, भतीज जेठाराम, देवर भलाराम राड़ के साथ उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच को लेकर जैसलमेर पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे से मुलाकात करने पहुँचे।
इस प्रकरण को लेकर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट कर अब तक की गई पुलिस जांच पर सवाल उठाए और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एवं पुलिस महानिदेशक, राजस्थान से इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय एसआईटी गठित कर निष्पक्ष जांच करवाई जाए, ताकि सभी दोषियों को कठोर दंड मिले और पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने कहा कि यह घटना अत्यंत गंभीर, भयावह एवं सुनियोजित प्रतीत होती है। इस हत्याकांड के संबंध में स्थानीय पुलिस द्वारा केवल एक आरोपी की गिरफ्तारी कर मामले को समाप्त मान लेना कई गंभीर प्रश्न खड़े करता है। जिस प्रकार से इस वारदात को अंजाम दिया गया, उससे स्पष्ट है कि इसमें गहरी साजिश और पूर्व नियोजन शामिल रहा है। आरोपी के विभिन्न लोगों से मोबाइल संपर्क, अवैध हथियार की उपलब्धता तथा संभावित साक्ष्यों को मिटाने के प्रयास इस प्रकरण को और अधिक गंभीर बनाते हैं।
उन्होंने कहा अब तक प्राथमिक जानकारी के अनुसार, इस मामले में कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों की संलिप्तता से भी इनकार नहीं किया जा सकता। पीड़ित परिवार को लंबे समय से प्रताड़ित किए जाने की बातें सामने आई हैं, जिससे यह आशंका और प्रबल होती है कि जमीन-जायदाद के विवाद सहित अन्य कारणों के चलते इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया गया। यह भी आशंका है कि परिवार को भयभीत कर उनकी जमीन छोड़ने के लिए मजबूर करने की मंशा रही हो।
यदि इस मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और गहन जांच नहीं की गई, तो वास्तविक दोषी कानून के शिकंजे से बाहर रह सकते हैं, जिससे पीड़ित परिवार को न्याय मिलना कठिन हो जाएगा। यह घटना प्रदेश की कानून-व्यवस्था एवं न्याय प्रणाली पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है।
बेनीवाल ने कई नेताओं पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि छोटी-छोटी घटनाओं पर मुखर होने वाले कई जनप्रतिनिधि इस गंभीर प्रकरण पर मौन हैं। छुटपुट घटनाओं पर उन्माद और उपद्रव फैलाने पहुँच जाते हैं बुल्डोजर लेकर पहुँच जाते हैं लेकिन अब वो लोग कहां दुबक गए हैं उन्होंने इस गंभीर प्रकरण पर चुप्पी साध ली हैं अपराध के विरुद्ध आवाज उठाना और मानवता के आधार पर पीड़ित को न्याय दिलाना हम सभी का दायित्व है, न कि केवल राजनीतिक अवसरों पर प्रतिक्रिया देना।
