डीडवाना।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सोमवार देर रात्रि को डीडवाना कुचामन जिले के मकराना दौरे पर रहे। यहां पर उन्होंने मीडिया से बातचीत में भाजपा सरकार पर जमकर आरोप लगाते हुए आड़े हाथों लिया। उन्होंने पचपदरा में रिफाइनरी में लगी आग के मामले पर मुख्यमंत्री पर भी निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि जब 15 दिनों से रिफाइनरी के चक्कर लगा रहे हैं और वहां का जायजा ले रहे हैं तो यह आगजनी कैसे हुई? प्रधानमंत्री का कार्यक्रम भी क्यों निरस्त हुआ? यह लोग रिफाइनरी लाना ही नहीं चाहते थे। जुली ने कहा कि जिस प्रकार से रिफाइनरी के अंदर आग लगी और मोदी जी का दौरा रद्द हुआ, यह एक बहुत बड़ा संकेत है। रिफाइनरी के अंदर आखिर चल क्या रहा है?
उन्होंने कहा कि हमने जिस रिफाइनरी की शुरुआत की, राज बदलने के बाद में इन लोगों ने अटका कर रखा, उस पर काम ही नहीं किया। जुली ने कहा कि जो लागत 37 हजार करोड़ थी, आज वह 80 हजार करोड़ से भी ज्यादा हो चुकी है। आखिर इसका जिम्मेदार कौन है? इस रिफाइनरी का लाभ जनता को मिलना चाहिए था, राजस्थान की जनता को मिलना चाहिए था। लोगों को रोजगार मिलना चाहिए था, वह सब डिले हुआ। और आज आनन-फानन में आग लग गई।
मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि वहां पर जायजा लेने गए, तो फिर कौन सा जायजा लेने गए थे? यह सब चीजें दर्शाती हैं कि इन लोगों का जनता के विकास से कोई लेना-देना नहीं है।
मार्केटिंग एजेंसियां बन गई हैं,अखबारों में ऐड दो, वहां पर बड़े-बड़े कटआउट्स लगाओ, होर्डिंग्स लगाओ, यह मत देखो कि हो क्या रहा है,तैयारी क्या चल रही है। क्योंकि रिफाइनरी की घोषणा तो मुख्यमंत्री जी ने विधानसभा में कर दी थी कि हम इसको 15 अगस्त को शुरू करेंगे, 15 अगस्त भी गई, 26 जनवरी गई और आज भी है, इसको पूरी नहीं कर पाए।
जुली ने आरोप लगाते हुए कहा कि यह भयंकर लापरवाही है। आग के क्या कारण है इस पर ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यह रिफाइनरी पूरे राजस्थान का भविष्य है ओर राजस्थान का बहुत बड़ा विकास रिफाइनरी पर निर्भर करेगा। जो शुरुआत हमने की थी। उन्होंने कहा कि यह लोग रिफाइनरी लाना ही नहीं चाहते थे। इनका क्या है यह तो बंद करने में लगे होंगे। उन्होंने कहा कि जनता के विकास से कोई लेना-देना नहीं है।
