राजस्थान में भीषण गर्मी को लेकर CM सख्त: जलदाय विभाग की छुट्टियां रद्द, हर जिले को करोड़ों का बजट जारी
जयपुर। राजस्थान में इस बार पड़ने वाली भीषण गर्मी को देखते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आम जनता को राहत देने के लिए बड़े कदम उठाए हैं। सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता यह है कि प्रदेश के किसी भी कोने में पीने के पानी की किल्लत न हो। इसके लिए मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलता दिखाते हुए जलदाय विभाग (PHED) के सभी फील्ड अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियों को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने के निर्देश दिए हैं।
छुट्टियों पर रोक, फील्ड में रहेंगे अधिकारी
गर्मियों के दौरान पेयजल आपूर्ति में किसी भी तरह की बाधा न आए, इसके लिए विभाग के अधिकारियों का मौके पर मौजूद रहना अनिवार्य कर दिया गया है। अब बेहद जरूरी होने पर ही उच्च अधिकारियों की सिफारिश के बाद ही किसी कर्मचारी को अवकाश मिल सकेगा। सरकार का स्पष्ट मानना है कि जनता की प्यास बुझाना पहली जिम्मेदारी है।
करोड़ों का बजट स्वीकृत: शहरों और गांवों के लिए अलग योजना
राज्य सरकार ने ग्रीष्मकाल 2026 के लिए प्रदेश के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए भारी-भरकम राशि मंजूर की है। आंकड़ों के अनुसार:
- शहरी क्षेत्रों के लिए: 55.88 करोड़ रुपये की स्वीकृति।
- ग्रामीण क्षेत्रों के लिए: 154.83 करोड़ रुपये का बजट।
इसके साथ ही, जहां पाइपलाइन की सुविधा नहीं है, वहां जल परिवहन (टैंकरों) के जरिए पानी पहुँचाने के लिए 1 अप्रैल से 31 जुलाई तक के लिए लगभग 105 करोड़ रुपये अलग से स्वीकृत किए गए हैं।
कलेक्टरों को मिली बड़ी जिम्मेदारी
इमरजेंसी में पानी की समस्या को हल करने के लिए राज्य सरकार ने प्रत्येक जिला कलेक्टर को 1-1 करोड़ रुपये के आकस्मिक कार्यों की स्वीकृति दी है। यानी अब स्थानीय स्तर पर छोटी-मोटी मरम्मत या नई व्यवस्था के लिए जयपुर के आदेश का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। कलेक्टर की सिफारिश पर अतिरिक्त मुख्य अभियंता तुरंत कार्य करा सकेंगे।
कंट्रोल रूम और अतिरिक्त स्टाफ की तैनाती
पेयजल की समस्याओं को तुरंत सुनने और सुलझाने के लिए राज्य और जिला स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित कर दिए गए हैं। साथ ही, मॉनिटरिंग और काम को गति देने के लिए सरकार ने बड़ी संख्या में श्रमिक और किराए के वाहनों की मंजूरी दी है:
- मई से जुलाई तक: हर महीने 2500 श्रमिक और 450 किराए के वाहन तैनात रहेंगे।
- जल जीवन मिशन (JJM) के तहत जो प्रोजेक्ट्स पूरे हो चुके हैं, उनके बेहतर संचालन के लिए भी हर जिले को 25-25 लाख रुपये दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री के इन फैसलों से साफ है कि सरकार इस बार गर्मी में जल संकट को लेकर 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर काम कर रही है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के हर घर तक शुद्ध और पर्याप्त पानी पहुंचता रहे।
