जयपुर
राजस्थान सरकार इन दिनों पर्यावरणा संरक्षण को लेकर दो मुद्दों से घिरी हुई है। जिसमें एक मुद्दा ओरण तो दूसरा मुद्दा खेजड़ी संरक्षण है। अगर देखा जाए तो ओरण बचाओ के अंदर ही खेजड़ी संरक्षण एक बड़ा मुद्दा है पर राज्य वृक्ष होने के कारण भी खेजड़ी संरक्षण अपने आप में एक बड़ा मुद्दा है जिसे लेकर विपक्ष सरकार को घेरे हुए हैं जिसमें राजस्थान के जनमानस का भी पूरी तरह सपोर्ट है। 


क्योंकि यहां के रहवासियों का खुले तौर पर आरोप है कि बाहरी कंपनियां सोलर लगाने को लेकर खेजड़ी वृक्ष की अंधाधुंध कटाई कर रही है जो कि पर्यावरण के लिए बहुत घातक है। जिसे लेकर सरकार को एक सख्त कदम उठाना चाहिए। 

खेजड़ी को लेकर बीकानेर में हुआ था बड़ा जन आंदोलन 
बात खेजड़ी संरक्षण को लेकर की जाए तो इसे लेकर हाल ही में बीकानेर में एक बड़ा जन आंदोलन हुआ था जिसने सरकार के पसीने छुड़वा दिए थे। उस आंदोलन में कई पर्यावरण प्रेमी बड़े स्तर पर जुटे थे और जिसे लेकर सरकार भी गंभीर थीं। उसी को लेकर सरकार ने उनकी मांगों पर उचित विचार करने के लिए एक कमेटी धरना स्थल पर गई थी और वहां धरने पर बैठे लोगों से आपसी बातचीत कर धरना समाप्त करने की बात कही। 
और उसी धरना स्थल से प्रेरित होकर राजस्थान के अन्य जिलों में भी जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपे गए। 

कैबिनेट मंत्री की बैठक में विस्तृत रूप से चर्चा
आज राजधानी जयपुर में कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई जिसमें खेजड़ी संरक्षण के लिए एक सख्त कानून लाने के लिए अन्य मंत्रियों सहित इस बैठक में खेजड़ी के संरक्षण सहित संवर्धन के लिए विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत रूप से चर्चा की गई। 
अब देखने वाली बात यह होगी कि आने वाले समय में इस बैठक को लेकर क्या महत्वपूर्ण नियम या खेजड़ी संरक्षण संबंधित कानून लाया जाता है।