विकसित राजस्थान-2047: हर गांव और वार्ड का होगा अपना रोडमैप

जयपुर। राजस्थान की भजनलाल सरकार प्रदेश के कायाकल्प की तैयारी में पूरी तरह जुट गई है। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को एक उच्च स्तरीय बैठक में निर्देश दिए हैं कि 'विकसित राजस्थान-2047' के लक्ष्य को हासिल करने के लिए अब राज्य के प्रत्येक ग्राम और शहरी वार्ड का अपना एक अलग 'मास्टर प्लान' तैयार किया जाएगा।

​इस योजना का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि गांवों में रहने वाले लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के लिए शहरों की तरफ नहीं भागना पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि गांवों का विकास इस तरह से किया जाए कि वहां के लोगों का पलायन रुक सके और शहरों पर आबादी का बोझ कम हो।

जनता के सुझावों से तैयार होगा भविष्य का खाका

​मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि ये मास्टर प्लान केवल फाइलों तक सीमित नहीं रहने चाहिए। इसमें महिलाओं, युवाओं, किसानों और बुजुर्गों के सुझावों को प्रमुखता से शामिल किया जाएगा। यह योजना तीन प्रमुख श्रेणियों में विभाजित होकर काम करेगी:

  • लघु अवधि (Short term): तत्काल प्रभाव से होने वाले सुधार।
  • मध्यम अवधि (Medium term): आगामी कुछ वर्षों की जरूरतें।
  • दीर्घ अवधि (Long term): भविष्य की 25 सालों की योजनाएं।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मीटिंग लेते हुवे

गांवों में बुनियादी सुविधाओं पर रहेगा विशेष जोर

​मास्टर प्लान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में साक्ष्य आधारित दृष्टिकोण (Evidence-based approach) अपनाया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के हर गांव में बुनियादी सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित हो सके। इन योजनाओं में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान दिया जाएगा:

  1. बिजली और पानी: हर घर तक निर्बाध बिजली और स्वच्छ पेयजल की पहुंच सुनिश्चित करना।
  2. शिक्षा और चिकित्सा: ग्रामीण क्षेत्रों में ही बेहतर स्कूल और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार।
  3. सड़क और स्वच्छता: पक्की सड़कों का जाल बिछाना और कचरा प्रबंधन की उचित व्यवस्था।
  4. रोजगार के अवसर: स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार को बढ़ावा देना और कृषि उत्पादन बढ़ाने के नए उपाय करना।

विकास के साथ 'विरासत' का संगम

​मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान एक विशेष मूल मंत्र दिया— 'विकास के साथ-साथ विरासत'। उन्होंने कहा कि मास्टर प्लान बनाते समय गांवों की पुरानी परंपराओं, शिल्प कलाओं और वहां के धार्मिक या ऐतिहासिक महत्व का पूरा सम्मान किया जाए। सरकार का उद्देश्य है कि विकास की इस दौड़ में राजस्थान का सामाजिक और सांस्कृतिक परिवेश पूरी तरह सुरक्षित रहे।

ग्राम सभाओं के माध्यम से होगा अनुमोदन

​यह पूरा अभियान पारदर्शी और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत चलाया जाएगा। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत करवाया कि मास्टर प्लान तैयार होने के बाद इसे ग्राम सभाओं के माध्यम से अनुमोदित कराया जाएगा। इसके पश्चात ही संबंधित विभागों द्वारा प्रभावी नीति और कार्यक्रमों की रूपरेखा बनाई जाएगी। इस प्रक्रिया के दौरान पात्र व्यक्तियों की पहचान कर उनका सरकारी योजनाओं में समावेशन भी सुनिश्चित किया जाएगा।

​बैठक में मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।