पश्चिमी राजस्थान के बालोतरा के गुड़ामालानी क्षेत्र के बारासण गांव में शिकारियों की क्रूरता का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। 23-24 अप्रैल की राट गोगाजी मंदिर के पास जमीन में बिछाए गए लोहे के जाल में फंसकर एक हिरीण गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे में हिरण का एक पैर टूट गया और वह दर्द से तड़पता रहा।
स्थानीय लोगों और वन्यजीव प्रेमियों को जैसे ही घटना की जानकारी मिली, वे तुरंत मौके पर पहुंचे। कड़ी मशक्कत के बाद हिरण को जाल से बाहर निकाला गया और तत्काल धोरीमन्ना स्थित अमृता देवी रेस्क्यू सेंटर पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। समाय पर रेस्क्यू होने से उसकी जान बचाई जा सकी।
सूचना मिलने पर वन विभाग के रेंजर श्रीराम विश्नोई अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का मुआयना कर लोहे का जाल जब्त किया और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू की। जांच के दौरान संदिग्धों के घरों पर दबिश दी गई।
डीएफओ सविता दहिया के निर्देशन में वन विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी हीराराम पुत्र सुजाराम और उसके साथी भाटीराम को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान आरोपी के घर से हिरण की खाल और पका हुआ मांस भी बरामद किया गया, जिससे शिकार की पुष्टि हुई।
दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इस पूरी कार्रवाई में वन विभाग की टीम के सदस्य विमला, नरेश कुमार, तीजो, धोली, रामजीवन गोदारा और ओमप्रकाश विश्नोई शामिल रहे।
वन्यजीव प्रेमियों की तत्परता और वन विभाग की सक्रियता से एक बड़ी शिकार की घटना का खुलासा हुआ है, वहीं घायल हिरण का इलाज जारी है।