बालोतरा ।



पचपदरा रिफाइनरी की आगजनिक की घटना के बाद पचपदरा थानाधिकारी को निलंबित किया गया था। इस पूरे मामले को लेकर बालोतरा पुलिस ने सोशल मीडिया पर प्रसारित भ्रामक सूचनाओं का खंडन करते हुए पचपदरा थानाधिकारी अचलाराम के निलंबन को लेकर तथ्यात्मक स्पष्टीकरण किया है। 


पुलिस अधीक्षक जिला बालोतरा रमेश कुमार ने बताया कि सोशल मीडिया के विभिन्न मंचों पर तत्कालीन थानाधिकारी पचपदरा, अचलाराम ढाका पु.नि. (निलंबित) के निलंबन को लेकर प्रसारित की जा रही भ्रामक, अपुष्ट एवं तथ्यहीन खबरें पूर्णतः निराधार हैं। उन्होंने बताया कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा इस विभागीय कार्यवाही को रिफाइनरी में हुई अग्नि दुर्घटना अथवा जातिगत कोण से जोड़कर भ्रामक नैरेटिव गढ़ने का प्रयास किया जा रहा है। जिसका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा किऐसे कृत्य न केवल भ्रामक हैं, बल्कि जन-शांति एवं कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाले भी हैं।



वास्तविक तथ्य एवं कार्यवाही का आधारः सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघनः प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे के दौरान तत्कालीन थानाधिकारी पचपदरा को महत्वपूर्ण स्थानों की सुरक्षा व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी दी गई थी। मंच की सुरक्षा, तैनात गार्डों की निगरानी एवं निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करना उनकी प्रत्यक्ष जिम्मेदारी थी। सुरक्षा घेरे के बावजूद कुछ अनधिकृत व्यक्तियों द्वारा मंच पर चढ़कर भाषण देना एवं वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करना अत्यंत गंभीर मामला है। यह घटना वीवीआईपी सुरक्षा प्रोटोकॉल के स्पष्ट उल्लंघन के साथ-साथ ड्यूटी के दौरान बरती गई घोर लापरवाही को दर्शाती है।

विभागीय कार्यवाहीः उक्त लापरवाही के चलते वहां तैनात सुरक्षा कर्मियों के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही हेतु संबंधित बटालियन को पत्राचार किया गया है। चूंकि समस्त व्यवस्था के प्रभारी तत्कालीन थानाधिकारी पचपदरा थे, अतः उनकी जवाबदेही सुनिश्चित करते हुए उनके विरुद्ध विभागीय जांच प्रारंभ की गई है। निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच के उद्देश्य से नियमानुसार उन्हें निलंबित किया गया है।

कानूनी कार्यवाहीः मंच पर अनधिकृत प्रवेश कर सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध थाना पचपदरा में सुसंगत धाराओं के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान जारी है।

भ्रामक खबरों पर सख्त कार्यवाही: रिफाइनरी में अग्नि दुर्घटना को लेकर भ्रामक वीडियो एवं झूठी सूचनाएं प्रसारित कर लोक-शांति भंग करने के प्रयास के संबंध में थाना जसोल में प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया है।

आमजन से अपीलः बालोतरा पुलिस पुनः स्पष्ट करती है कि यह एक पूर्णतः प्रशासनिक एवं अनुशासनात्मक प्रक्रिया है, जिसका किसी अन्य घटना या जातिगत पहलू से कोई संबंध नहीं है। आमजन से विनम्र अपील है कि किसी भी अपुष्ट एवं भ्रामक जानकारी पर विश्वास न करें तथा उसे साझा करने से बचें।

चेतावनीः  बालोतरा पुलिस द्वारा सोशल मीडिया पर साइबर पेट्रोलिंग करते हुए अफवाह फैलाने वाले तत्वों पर सतत निगरानी रखी जा रही है तथा उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्यवाही की जाएगी।