जैलसमेर।
स्वर्णनगरी जैसलमेर में सफाई व्यवस्था को सुधारने के लिए ओर शहर को कचरा मुक्त करने के लिए नगर परिषद ने तीसरी आंख का पहरा बैठा दिया है। इसके लिए नगर परिषद ने बाकायदा 3.25 करोड़ रुपए का मेगा प्लान तैयार किया है।
दरसअल शहर की सफाई व्यवस्था पर उठने वाले सवालों और पर्यटकों के सामने खराब होती छवि को सुधारने के लिए परिषद ने 3.25 करोड़ रुपए का मेगा प्लान तैयार किया है। अब शहर के चप्पे-चप्पे पर 250 हाई-रेजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। बड़ी बात यह है कि इसका वर्क ऑर्डर जारी हो चुका है। अगले 60 दिनों में पूरा शहर इन कैमरों की निगरानी में होगा।
जैसलमेर की अर्थव्यवस्था पर्यटन पर टिकी है। इसलिए नगर परिषद ने शहर में उन जगहों को प्राथमिकता दी है, जहां सैलानियों का जमावड़ा रहता है। सोनार दुर्ग, गड़ीसर लेक, पटवों की हवेली, हनुमान चौराहा और गोपा 5 चौक को विशेष सर्विलांस पर रखा न जाएगा। इन कैमरों के जरिए न केवल सफाई, बल्कि पशुओं की स्थिति पर भी नजर रखी जा सकेगी।
अक्सर देखा जाता है कि लोग रात के अंधेरे में या सुनसान जगह देखकर खाली प्लॉट और सड़कों पर कचरा फेंक देते हैं। अब शहर में ऐसी मनमानी नहीं चलेगी, यदि कोई व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर कचरा फेंकता, गंदगी फैलाता या थूकता नजर आया, तो कैमरे तुरंत उसकी हाई डेफिनिशन तस्वीर ले लेंगे। वीडियो फुटेज के आधार पर व्यक्ति या प्रतिष्ठान की पहचान की जाएगी। पहचान होते ही नगर परिषद की टीम संबंधित व्यक्ति के घर या दुकान पर सीधे जुमनि का चालान भेजेगी।
इन कैमरों के संचालन के लिए नगर परिषद कार्यालय में ही एक सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल रूम बनाया जा रहा है।
राउंड द क्लॉक नजर: शिफ्ट वाइज कर्मचारी 24 घंटे बड़ी स्क्रीन पर शहर की लाइव फीड देखेंगे।
स्थिल टाइम एक्शन: जैसे ही किसी चौराहे या गली में कचरे का ढेर दिखेगा, कंट्रोल रूम तुरंत सफाई टीम को लोकेशन भेजेगा।
विवक रिस्पांस टीमः सूचना मिलते ही विशेष टीम मौके पर पहुंचेगी। मिनटों में सफाई कर दी जाएगी। इससे शहर में बदबू और गंदगी की समस्या स्थायी रूप से खत्म होगी।
जैसलमेर नगर परिषद के आयुक्त लजपाल सिंह सोढ़ा के मुताबिक शहर में करीब 250 हाई-टेक कैमरे लगाने का वर्क ऑर्डर जारी कर दिया गया है। अगले दो महीनों में यह प्रोजेक्ट धरातल पर होगा। उनका कहना है कि हमारा मकसद दंड देना नहीं, बल्कि सफाई के प्रति अनुशासन पैदा करना है। जो भी गंदगी फैलाएगा, सख्ती से जुर्माना वसूला जाएगा। पर्यटन सीजन तक जैसलमेर का रूप अलग नजर आएगा।
