बाड़मेर में 12वीं बोर्ड की परीक्षा में कम नंबर आने से परेशान 18 साल की छात्रा ने सुसाइड कर लिया। छात्रा कमरे में ही थी। दरवाजा नहीं खोलने पर मां ने जॉर्वस धक्का देकर दरवाजा खोला तो छात्रा फंदे पर लटकी हुई थी। पूरा घटनाक्रम कोतवाली थाना क्षेत्र के किराडू मार्ग का है।
जानकारी के मुताबिक 12वीं का रिजल्ट आने के बाद से 18 वर्षीय छात्रा भावना परेशान चल रही थी। शुक्रवार शाम को वह अपने कमरे में चली गई और काफी समय तक बाहर नहीं निकली। 8 बजे के करीब मां ने दरवाजा खटखटाया। लेकिन, कोई जवाब नहीं मिला। मां ने जोर से ढक्कर देकर दरवाजा खोला तो भावना फंदे पर लटकी हुई थी।
परिवार के लोग ले पहुंचे अस्पताल
बेटी को फंदे पर लटका देख मां की चीख निकल गई। परिवार के लोग पहुंचे और फंदे से उतारकर छात्रा को तुरंत अस्पताल ले पहुंचें। लेकिन, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
जांच पड़ताल में जुटी पुलिस
कोतवाली ASI गिरधारी राम ने बताया कि शहर के किराडू मार्ग निवासी अशोक सिंह ने रिपोर्ट देकर बताया कि उसकी बेटी को 12वीं बोर्ड में 90 प्रतिशत से अधिक अंकों की उम्मीद थी। लेकिन, उसे कम नंबर आए थे। इसी वजह से वो डिप्रेशन में थी। लेकिन, हमें अंदाजा नहीं था कि वो इस तरह का कदम उठा लेगी। पुलिस ने पिता की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
बहुत समझाया, पता नहीं ऐसा क्यों किया
मृतका के पिता अशोक सिंह ने बताया कि उसकी बेटी भावना सरकारी गर्ल्स स्कूल में पढ़ती थी। 10वीं में उसे 83 प्रतिशत मार्क्स मिले थे। 12वीं में वह 90- 95 प्रतिशत से अधिक मार्क्स चाहती थी। पढ़ाई में होशियार भी थी। 12वीं का रिजल्ट आया तो उसे 88 प्रतिशत मार्क्स मिले थे। कम मार्क्स आने से ही वो डिप्रेशन में थी। मैने उसे समझाया भी कि बेटा अगली बार अच्छी तैयारी और मेहनत अधिक करना। पता नहीं, उसने ऐसा कदम क्यों उठाया।
परिवार में पसरा मराम
बेटी की मौत के बाद से परिवार के मातम पसरा है। छात्रा भावना के पिता टेंपो चलाते है। मोर्चरी के शव के पोस्टमार्टम के दौरान बेटी को याद करते हुए पिता रो पड़े। बोले कि मैने बहुत समझाया था। पता नहीं उसने ऐसा क्यों किया।
