चितौड़गढ़।

राजस्थान में चित्तौड़गढ़ के प्रसिद्ध सांवलियाजी मंदिर में मासिक भंडार ने इस बार दान राशि के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए। 7 चरणों में पूरी हुई गणना में कुल 41 करोड़ 67 लाख 38 हजार 569 रुपए की भेंट प्राप्त हुई। कड़ी सुरक्षा के बीच मंदिर की दानपेटियां खोली गईं। विशेष आरती और भोग के बाद मंदिर मंडल के अधिकारियों की मौजूदगी में गिनती का कार्य शुरू हुआ। मंदिर के मासिक भंडार के इतिहास में यह अब तक की सबसे ज्यादा राशि है।


मंदिर मंडल बोर्ड के अध्यक्ष हजारीदास वैष्णव ने अनुसार भंडार 16 अप्रैल को खोला गया था। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से गणना शुरू हुई। भंडार से 33 करोड़ 21 लाख 63 हजार 539 रुपए प्राप्त हुए, जबकि भेंटकक्ष और ऑनलाइन दान से 8 करोड़ 45 लाख 75 हजार रुपए मिले। नकदी के साथ भक्तों ने सोना-चांदी भी बड़ी मात्रा में चढ़ाया। भंडार और भेंटकक्ष से 660 ग्राम 500 मिलीग्राम सोना और 84 किलो 620 ग्राम चांदी प्राप्त हुई। 

श्रद्धालुओं के आने सिलसिला बढ़ रहा है : मंदिर मंडल के अनुसार हर साल यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसी का परिणाम है कि मंदिर का मासिक भंडार भी अब करीब 42 करोड़ रुपये तक पहुंचने लगा है।


अब भोग-छप्पन भोग पर रोक, खाली हाथ ही दर्शन: सांवलियाजी में अब श्रद्धालु भगवान को भोग, छप्पनभोग, मोरपंख और गुलाब की डालियां नहीं चढ़ा सकेंगे। मंदिर प्रशासन ने भीड़ को देखते हुए इन पर रोक लगा दी है।