नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल मंगलवार को बाड़मेर दौरे पर रहे, जहां उन्होंने कई सामाजिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के साथ-साथ राजनीतिक मंच से जमकर बयानबाज़ी की। अपने संबोधन में उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति से लेकर राजस्थान सरकार तक पर तीखे हमले बोले।
बेनीवाल ने कहा कि आने वाले समय में पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणाम देश की राजनीति की दिशा तय करेंगे। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर तृणमूल कांग्रेस (TMC) बंगाल में जीतती है, तो केंद्र में बैठी सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो जाएगी।
 “जिसे जिम्मेदारी दी, उसने पार्टी खत्म कर दी”
आरएलपी सुप्रीमो ने बिना नाम लिए बाड़मेर के सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिस नेता को बाड़मेर की जिम्मेदारी दी गई थी, उसी ने पार्टी को कमजोर कर दिया।
बेनीवाल ने दावा किया कि कांग्रेस उनके पास खुद आई और उनके सहयोग से 0 से 12 सीटों तक पहुंची।
“कांग्रेस-बीजेपी एक ही थाली के चट्टे-बट्टे”
बेनीवाल ने दोनों प्रमुख दलों भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि दोनों पार्टियां आपस में मिली हुई हैं।
उनका आरोप था कि पहले जो नेता कांग्रेस में दादागिरी करते थे, अब वही बीजेपी नेताओं के साथ मिलकर बाड़मेर और बालोतरा में काम कर रहे हैं।
 “तीसरी ताकत के रूप में RLP का विकल्प”
उन्होंने कहा कि जनता के पास विकल्प की कमी थी, लेकिन आरएलपी ने तीसरी ताकत के रूप में खुद को स्थापित किया है।
बेनीवाल ने यह भी माना कि इस बार पार्टी को अपने ही लोगों से नुकसान हुआ, लेकिन इसके बावजूद वे मजबूती से खड़े हैं।
 “अगर नहर समय पर आती, तो हालात बदल जाते”
बेनीवाल ने क्षेत्र के विकास मुद्दों को उठाते हुए कहा कि अगर समय पर सिंचाई परियोजनाएं पूरी होतीं, तो बाड़मेर, नागौर और जोधपुर के हालात पंजाब जैसे हो सकते थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुराने नेताओं ने शिक्षा, रोजगार और विकास पर ध्यान नहीं दिया।
 रिफाइनरी हादसे पर भी सरकार घिरी
बाड़मेर रिफाइनरी में हाल ही में हुए आग हादसे को लेकर उन्होंने राज्य सरकार को कठघरे में खड़ा किया।
उन्होंने कहा कि हजारों करोड़ की परियोजना में सुरक्षा चूक गंभीर है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उनकी नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठते हैं।
EVM और सिस्टम पर भी उठाए सवाल
बेनीवाल ने चुनावी प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए और कहा कि देश में सिस्टम “हैक” हो चुका है।
उन्होंने ईवीएम को लेकर बार-बार उठ रहे विवादों का जिक्र करते हुए पारदर्शिता की मांग की।