बाड़मेर
सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार बाड़मेर शहर से महज कुछ किलोमीटर दूर झाक मठ में उस समय अफरा तफरी मच गई जब वहां के मठ के मठाधीश का शव हो है वो पानी के टांके में तैरता नजर आया। दरअसल गुरुवार को सुबह करीब 5 बजे के आस पास जब मठ के अन्य साधु, भक्त जब प्रातः काल उस पानी के टांके में पानी निकाल रहे थे तो उस वक्त झाक मठ के मठाधीश महंत पारसनाथ महाराज जिनकी उम्र करीब 57 साल बताई जा रही है का शव पानी में तैरता नजर आया। 
मठाधीश का शव जब भक्तों ने टांके में देखा तो भक्तों सहित आस पड़ोस में भी अफरा तफरी मच गई। बड़ी संख्या में पास के कस्बे के लोग मठ पहुंचने लगें। सुबह करीब 8 बजे के आस पास पुलिस को सूचना दी गई। सूचना पर नागाणा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस को मौके पर से सबूतों के तौर पर मठाधीश के जूते टांके के पास मिले। 
पुलिस से मिली जानकारी अनुसार बाड़मेर SP ने बताया कि महंत पारसनाथ महाराज की मानसिक बीमारी का इलाज चल रहा था। और प्रारंभिक जांच में देखे तो आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। बाकी पुलिस हर एक पहलू का बड़े बारीकी से जांच कर रही है। 
FSL टीम भी मौके पर हैं। ग्रामीणों से भी पूछताछ की जा रही है।
मठाधीश महंत पारसनाथ महाराज पिछले करीब 30 वर्ष से इस मठ के मठाधीश थे।