कोटा में साइबर ठगी का पाकिस्तानी कनेक्शन सामने आया है। इस नेटवर्क का सरगना मोहम्मद अमजद पाकिस्तानी हैंडलर से ऑर्डर ले रहा था। 21 वर्षीय अमजद इंजीनियरिंग स्टूडेंट है। को पिछले डेढ़ साल से ठगी के नेटवर्क से जुड़ा हुआ था।
जांच एजेंसियों की मानें तो अमजद के 3 साथी और बैंक अकाउंट्स मुहैया करवाते थे। इसके लिए उन्हें भी कमीशन मिलता था। इन अकाउंट्स में ठगी का पैसा ट्रांसफर किया जाता था।
दरसअल, कोटा के विज्ञान नगर थाने में 8 दिसंबर 2025 को 43 लाख 50 हजार की ठगी की शिकायत मिली थी। इसी के बाद से पुलिस मामले की जांच कर रही थी। पुलिस ने 16 अप्रैल को अमजद और उसके 3 साथियों को भोपाल से पकड़ा था।
मास्टरमाइंड प्राइवेट कॉलेज से कर रहा है बीटेक
साइबर थाना SHO सतीशचंद्र के मुताबिक आरोपी पिछले 3 साल से भोपाल में रह रहा था। आरोपी मध्य प्रदेश के सागर जिले के प्राइवेट कॉलेज से बीटेक कर रहा है।
उसने सबसे पहले आसपास के लोगों और फिर काम करने वाले मजदूरों को टारगेट किया। उनके बैंक अकाउंट्स का इस्तेमाल आरोपियों ने ठगी का पैसा ट्रांसफर करने में किया। फिलहाल, पुलिस पूरे गिरोह की पड़ताल में जुटी है।
ऐसे चलता था नेटवर्क
अमजद अपने 3 साथियों दीपक, राहुल और विजय के साथ पूरा नेटवर्क चला रहा था। प्रत्येक मेंबर को एक अकाउंट उपलब्ध कराने के बदले 7 हजार रुपए देता था।
आरोपी अकाउंट के साथ अकाउंट नंबर से जुड़ी सिम कार्ड, एटीएम, बैंक पासबुक भी लेता था। फिर काम होने पर खाताधारक को लौटा देता था।
50 से ज्यादा ऐसे अकाउंट मिले
जांच टीम को 50 से ज्यादा ऐसे अकाउंट के बारे में जानकारी मिली है। इन्हीं खातों के जरिए ठगी की रकम यूपीआई और कैश डिपॉजिट से ट्रांसफर करवाई गई थी।
इसके बाद अमजद और उसका पाकिस्तानी हैंडलर इन अकाउंट्स से ठगी के पैसों को खुद के और दूसरे अलग अलग खातों में ट्रांसफर करवाते थे।
