7 दमकलों ने 54 फेरे लगाकर पाया काबू
आग की सूचना मिलते ही पाली और सोजत सिटी से कुल 7 दमकलें मौके पर पहुंचीं। रात करीब साढ़े 9 बजे शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन सुबह करीब 4 बजे तक चला। दमकलकर्मियों ने आग बुझाने के लिए करीब 54 फेरे लगाए, तब जाकर आग पर नियंत्रण पाया जा सका।
आग बुझाने के लिए आसपास की फैक्ट्रियों से पानी की व्यवस्था की गई, वहीं स्थानीय लोग भी मदद के लिए आगे आए।
फोल्डिंग हॉल से शुरू हुई आग
अग्निशमन अधिकारी रामलाल गहलोत के अनुसार आग फैक्ट्री के 220-221 नंबर फोल्डिंग हॉल से शुरू हुई थी। वहां से आग तेजी से फैलते हुए पूरे परिसर में पहुंच गई। फैक्ट्री में करीब 7 से 8 हजार कपड़े के धान रखे हुए थे, जो देखते ही देखते जलने लगे।
फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है और मामले की जांच जारी है।
सिंथेटिक कपड़े बने आग की वजह
जानकारी के अनुसार कपड़े के धान आग जल्दी पकड़ लेते हैं, खासकर सिंथेटिक कपड़े। यह पेट्रोकेमिकल से बने होते हैं और आग लगने पर राख बनने के बजाय पिघलकर चिपकने लगते हैं, जिससे आग तेजी से फैलती है और बुझाने में मुश्किल होती है।
दमकलकर्मियों ने दिखाया साहस
इस पूरी कार्रवाई में अग्निशमन अधिकारी रामलाल गहलोत के साथ कमलकिशोर, राहुल, पारस गहलोत, डिम्पल, अशोक, महेंद्र, रमेश, आशीष, सुमेर चौधरी और अमृत आदिवाल सहित पूरी टीम रातभर जुटी रही और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
