राजस्थान शिक्षा विभाग ने दहेज लेने और गलत शपथ-पत्र देने के गंभीर आरोपों में राजनीति विज्ञान के स्कूल लेक्चरर दीपक कुमार शर्मा को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई विभागीय जांच में आरोपों की पुष्टि के बाद की गई है, जिससे शिक्षा महकमे में हड़कंप मच गया है।
पत्नी की शिकायत से खुला मामला
पूरा मामला सवाई माधोपुर जिले के कुंडेरा थाना क्षेत्र से सामने आया है। लेक्चरर की पत्नी वंदना शर्मा ने 10 जुलाई 2025 को अपने पति के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज कराया था। यह मामला फिलहाल कोर्ट में विचाराधीन है।
पत्नी ने सिर्फ पुलिस में ही नहीं, बल्कि शिक्षा विभाग में भी शिकायत दी थी। इसके बाद विभाग ने आंतरिक जांच शुरू की, जिसमें आरोपों को गंभीर पाया गया।
 जांच में सामने आया झूठा एफिडेविट
विभागीय नियमों के अनुसार, सरकारी सेवा में नियुक्ति के समय कर्मचारी को यह शपथ-पत्र देना होता है कि उसने शादी में दहेज नहीं लिया है।
दीपक शर्मा ने 1 मार्च 2024 को जॉइनिंग के समय ऐसा ही एक एफिडेविट दिया था, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि उन्होंने 3 मई 2023 को हुई शादी में कोई दहेज नहीं लिया।
लेकिन जांच में सामने आया कि यह जानकारी भ्रामक और गलत थी। विभाग ने इसे सेवा नियमों का उल्लंघन माना और इसे निलंबन का आधार बनाया।
झालावाड़ से चूरू किया मुख्यालय शिफ्ट
दीपक कुमार शर्मा वर्तमान में झालावाड़ जिले के भवानीमंडी स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, बनी में कार्यरत थे।
निलंबन के बाद विभाग ने उनका मुख्यालय बदलते हुए चूरू कर दिया है। अब उन्हें निलंबन अवधि के दौरान संयुक्त निदेशक, स्कूल शिक्षा, चूरू कार्यालय में उपस्थिति देनी होगी और बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने की इजाजत नहीं होगी।
शिक्षा विभाग का सख्त संदेश
इस कार्रवाई को शिक्षा विभाग द्वारा भ्रष्टाचार और दहेज जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ सख्त रुख के रूप में देखा जा रहा है। विभाग ने साफ संकेत दिया है कि नियमों के उल्लंघन और गलत जानकारी देने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।