नागौर।


राजस्थान एसआई (SI) भर्ती 2021 को लेकर सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय के बाद राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के सुप्रीमो नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल की प्रतिक्रिया सामने आई है उन्होंने कहा कि एसआई भर्ती 2021 रद्द कर पुनः परीक्षा कराने के फैसले को युवाओं के लंबे संघर्ष और न्याय की जीत बताया है। उन्होंने कहा कि आरएलपी ने कहा कि सड़क से सदन तक लगातार उठाई गई आवाज़, युवाओं के आंदोलन तथा और के हस्तक्षेप के बाद सरकार और को आखिरकार यह निर्णय लेना पड़ा।

उन्होंने कहा कि यह फैसला अचानक नहीं आया, बल्कि हजारों युवाओं के संघर्ष, धरनों, ज्ञापनों और न्याय की लड़ाई का परिणाम है। उन्होंने कहा कि जब प्रदेश के युवा भर्ती प्रक्रिया में हुई अनियमितताओं और पेपर लीक के खिलाफ आवाज़ उठा रहे थे, तब सत्ता में बैठे लोगों ने लगातार मामले को दबाने और युवाओं की मांगों को अनदेखा करने का प्रयास किया। सरकार ने बार-बार दोगलापन दिखाया, लेकिन सच्चाई ज्यादा समय तक छिप नहीं सकी। आज यह फिर से स्पष्ट हो चुका है कि युवाओं की लड़ाई सही थी और उनकी मांग न्यायसंगत थी।


बेनीवाल ने कहा कि यह सिर्फ SI भर्ती का मुद्दा नहीं था, बल्कि प्रदेश के हर उस युवा के सम्मान और भविष्य की लड़ाई थी जो दिन-रात मेहनत करके अपने सपनों को पूरा करना चाहता है। सरकार को घेरते हुए कहा कि सरकार ने पुन: परीक्षा करवाने के इस निर्णय में भी केवल उन्हीं 383097 अभ्यर्थियों को मौका देने का निर्णय लिया है जो इस परीक्षा में उपस्थित हुए थे जबकि इस परीक्षा के लिए करीबन 8 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था ऐसे में शेष रहे 3 लाख से अधिक अभ्यर्थी जिन्होने इस SI भर्ती परीक्षा 2021 के लिए आवेदन दिया था परन्तु किसी कारण से वो इस परीक्षा में उपस्थित नहीं हो पाए थे उनके साथ कुठाराघात कर रही है। 

बेनीवाल ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि उन तमाम अभ्यर्थियों को मौका दे जिन्होंने इस भर्ती परीक्षा में सम्मिलित होने का आवेदन दिया था क्योंकि बंगाल शिक्षक भर्ती व राजस्थान की EO/ RO भर्ती में भी भर्तियों के रद्द होने के बाद दुबारा हुई परीक्षा में उन तमाम अभ्यर्थियों को मौका दिया गया जिन्होंने इन परीक्षाओं के लिए आवेदन किया था।  हनुमान बेनीवाल ने कहा कि राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी हर मेहनतकश युवा के साथ मजबूती से खड़ी थी, खड़ी है और आगे भी रहेगी।