पुलिस अधीक्षक रमेश ने बताया कि जिले में अवैध हथियारों की तस्करी रोकने के लिए विशेष अभियाना चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत एएसपी हरफूल सिंह मीना और डीएसपी देरावरसिंह के निर्देशन में समदड़ी थानाधिकारी नरपतदान के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया।
सूचना मिली थी कि मजल गांव में एक व्यक्ति अवैध हथियार के साथ घूम रहा है। इस पर पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गांव में दबिश दी। वहां से भूराराम उर्फ भरत (पुत्र सोहनलाल), निवासी ढींढस समदड़ी, को गिरफ्तार किया गया। उसके पास से एक अवैध टोपीदार 12 बोर बंदूक बरामाद की गई।
तलाशी के दौरान आरोपी के पास हथियार का कोई लाइसेंस या वैध दस्तावेज नहीं मिला, जिसके बाद उसे आर्म्स एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह यह बंदूक समदड़ी निवासी महेंद्र से लेकर आया था। इस सूचना पर पुलिस ने महेंद्र को भी पकड़कर पूछताछ की और बाद में उसे भी गिरफ्तार कर लिया।
दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जाहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इस कार्रवाई में एएसआई दौलाराम, कॉन्स्टेबल राजकुमार और लोकेश कुमार की अहम भूमिका रही।
