बाड़मेर में SDM के खिलाफ उतरे पटवारी, सामूहिक अवकाश रखकर कलक्टर के नाम सौंपा ज्ञापन, बोले ; नौकरी खाने की दे रहे धमकी
राजस्थान के बाड़मेर जिले के चौहटन उपखंड में एसडीएम और अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी पर मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाते हुए पटवारियों ने एक दिन का सामूहिक अवकाश लिया। 17 पटवारियों और 6 राजस्व निरीक्षकों ने जिला कलक्टर टीना डाबी के नाम ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। वहीं एसडीएम रणछोड़ लाल ने आरोपों को खारिज करते हुए इसे प्रशासनिक प्रक्रिया बताया है।
बाड़मेर में SDM से तंग आकर गुरुवार को पटवारी एक दिन के सामूहिक अवकाश पर बैठ गए। 17 पटवारियों और 6 आरआई ने छुट्टी पर रहकर SDM और अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी (AAO) par टॉर्चर करने के आरोप लगाए। पूरा घटनाक्रम बाड़मेर जिले के चौहटन उपखंड मुख्यालय का है।
पटवारियों ने एक दिवसीय सामूहिक अवकाश रखकर चौहटन तहसीलदार को जिला कलक्टर टीना डाबी के नाम ज्ञापन सौंपा।
पतवार संघ के ब्लॉक अध्यक्ष जितेंद्र शर्मा के मुताबिक पटवारियों को बार - बार आंकड़े देने की बात कहकर मेंटली परेशान किया जा रहा है और नौकरी खाने की धमकी दी जा रही है। शर्मा के अनुसार पटवारियों को ही नहीं तहसीलदार को भी परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पटवारी फील्ड वर्क करें या आंकड़े जुटाते रहें ? एससी - एसटी के आंकड़े पटवारी के पास नहीं होते है। बेवजह हमें चार्जशीट की धमकियां दी जा रही है। 10 पटवारियों को कारण बताओ नोटिस दिया गया है। वहीं तहसीलदार को एक दिन पहले बुधवार को चार्जशीट दी गई है।
धरने पर बैठने की चेतावनी
जितेंद्र शर्मा ने आरोप लगाया कि एसडीएम पटवारियों को रात भर ऑफिस में काम करवाते हैं, मानसिक रूप से परेशान कर रहे हैं। यही चलता रहा तो मजबूरन हमें धरने पर बैठना पड़ेगा।
तहसीलदार को नोटिस दिया है ; SDM
पूरे घटनाक्रम के बीच SDM रणछोड़ लाल का कहना है कि तहसीलदार से सूचनाएं मांगी थी। सूचनाएं टाइम पर नहीं मिली तो कारण बताओ नोटिस जारी करना पड़ा। तहसीलदार से रिपोर्ट लेनी पड़ती है।