गुढ़ामलानी पहुंचे मंत्री के.के. विश्नोई, जिला पुनर्गठन पर तेज हुई सियासी हलचल

गुढ़ामलानी दौरे पर मंत्री के.के. विश्नोई का भव्य स्वागत, जिला पुनर्गठन को लेकर विरोध और समर्थन आमने-सामने

Jan 25, 2026 - 22:27
गुढ़ामलानी पहुंचे मंत्री के.के. विश्नोई, जिला पुनर्गठन पर तेज हुई सियासी हलचल

बाड़मेर और बालोतरा जिलों के भूगोल में बदलाव के बाद राजस्थान सरकार के राज्यमंत्री के. के. विश्नोई रविवार को पहली बार गुढ़ामलानी पहुंचे। उनके आगमन को लेकर क्षेत्र में खासा उत्साह देखने को मिला। जोधपुर–बालोतरा सीमा से ही उनके स्वागत का सिलसिला शुरू हो गया, जो गुढ़ामलानी तक लगातार चलता रहा। जगह-जगह कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने फूल बरसाकर, साफा-माला पहनाकर मंत्री का अभिनंदन किया। इस दौरान के. के. विश्नोई के समर्थन में नारे भी लगाए गए।

जोधपुर–बालोतरा सीमा से शुरू हुआ स्वागत

राज्यमंत्री के. के. विश्नोई का काफिला सुबह करीब 11 बजे जोधपुर और बालोतरा की सीमा पर पहुंचा। यहां पचपदरा विधायक अरुण चौधरी ने साफा व माला पहनाकर उनका स्वागत किया। इसके बाद काफिला आगे बढ़ा तो रास्ते में कई स्थानों पर जेसीबी मशीनों से फूल बरसाकर स्वागत किया गया। बड़ी संख्या में गाड़ियां मंत्री के काफिले के साथ चलती नजर आईं, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बन गया।

पायला कला में हुआ अभिनंदन

जिला पुनर्गठन के बाद पहली बार पायला कला पहुंचे मंत्री के. के. विश्नोई का कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान नई प्रशासनिक व्यवस्थाओं और विकास कार्यों को लेकर चर्चा हुई। मंडल अध्यक्ष पुखराज सोनी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने मंत्री का अभिनंदन किया और क्षेत्र के विकास को लेकर उम्मीदें जताईं।

जिला सीमाएं बदलने से बढ़ा विवाद

गौरतलब है कि बाड़मेर और बालोतरा जिलों की सीमाओं में बदलाव के बाद गुढ़ामलानी और धोरीमन्ना तहसीलों को बालोतरा जिले में शामिल किया गया, जबकि बायतु को फिर से बाड़मेर जिले में जोड़ा गया। इस फैसले के बाद गुढ़ामलानी और धोरीमन्ना क्षेत्र में असंतोष फैल गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिला बदलने से उनकी दूरी और समस्याएं बढ़ गई हैं।

धरना और पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी का समर्थन

जिला पुनर्गठन के विरोध में गुढ़ामलानी और धोरीमन्ना की जनता ने धरना शुरू किया। इस आंदोलन को पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी का समर्थन मिला। वे स्वयं धोरीमन्ना में चल रहे धरने पर बैठे और शीतलहर के बीच रातें भी गुजारीं। उनके इस कदम के बाद यह मुद्दा और अधिक चर्चा में आ गया। वहीं दूसरी ओर, भाजपा कार्यकर्ताओं ने जिला पुनर्गठन को लेकर खुशी भी जाहिर की।

सोशल मीडिया पर ट्रेंड हुआ मुद्दा

इधर, पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी के समर्थकों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर “जननायक हेमाराम चौधरी” नाम से ट्रेंड चलाया, जो कुछ समय के लिए पहले नंबर पर रहा। यूजर्स ने लिखा कि धोरीमन्ना-गुढ़ामलानी को बाड़मेर से हटाकर बालोतरा में शामिल करने का फैसला जनभावनाओं और जमीनी हकीकत से मेल नहीं खाता। पोस्ट में यह भी कहा गया कि पहले 75 किलोमीटर की दूरी अब 165 किलोमीटर हो गई है, जिससे आमजन, किसान, छात्र और मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ेगी।

धोरीमन्ना में धन्यवाद सभा

रविवार को राज्यमंत्री के. के. विश्नोई की धोरीमन्ना के आलमजी मंदिर में धन्यवाद सभा आयोजित की गई है। इस सभा को जिला पुनर्गठन के समर्थन और सरकार के फैसले के पक्ष में अहम माना जा रहा है। मंत्री के आगमन और सभा को लेकर प्रशासन और कार्यकर्ता पूरी तरह से सक्रिय नजर आए।

क्षेत्र में सियासी माहौल गर्म

कुल मिलाकर, जिला सीमाओं में बदलाव के बाद गुढ़ामलानी और धोरीमन्ना क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। एक ओर सरकार के मंत्री के स्वागत में उत्साह दिखा, तो दूसरी ओर विरोध और असंतोष भी सामने आया। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार और जनप्रतिनिधि इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाते हैं और आमजन की समस्याओं का क्या समाधान निकलता है।