पोकरण विवाद: गोवंश अवशेष के बाद कब्रिस्तान कार्रवाई पर सालेह मोहम्मद का हमला

पोकरण में गोवंश अवशेष मिलने के बाद तनाव, कब्रिस्तान की दीवार तोड़ने पर सालेह मोहम्मद ने प्रशासन को घेरा।

Jan 10, 2026 - 20:34
पोकरण विवाद: गोवंश अवशेष के बाद कब्रिस्तान कार्रवाई पर सालेह मोहम्मद का हमला

जैसलमेर जिले के पोकरण क्षेत्र के केलावा गांव में गोवंश के अवशेष मिलने के बाद माहौल लगातार तनावपूर्ण बना हुआ है। इस घटना के विरोध में हिंदू संगठनों द्वारा किए गए प्रदर्शन के बाद शनिवार को पोकरण कस्बा पूरी तरह बंद रहा। इस बीच प्रशासन की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक विवाद भी तेज हो गया है।

कब्रिस्तान की दीवार तोड़ने पर उठे सवाल

पूर्व अल्पसंख्यक मामलात मंत्री सालेह मोहम्मद ने जैसलमेर रोड स्थित पुराने कब्रिस्तान की दीवार तोड़े जाने को गैर-कानूनी करार दिया है। उन्होंने प्रशासन की इस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे नियमों के खिलाफ बताया। उनका कहना है कि बिना किसी पूर्व सूचना और बिना भूमि की पैमाइश किए बुलडोजर चलाया गया, जो कानूनन गलत है।

द्वेषपूर्ण और टारगेटेड कार्रवाई’ का आरोप

सालेह मोहम्मद ने प्रशासन की कार्रवाई को द्वेषपूर्ण बताते हुए कहा कि यह कब्रिस्तान आजादी के बाद से मौजूद है। उन्होंने आरोप लगाया कि नेताओं के इशारों पर प्रशासनिक अधिकारी इस तरह की कार्रवाई कर रहे हैं, जो लोकतंत्र और न्यायपालिका दोनों का अपमान है। उन्होंने इसे एक विशेष समुदाय को निशाना बनाने की कार्रवाई बताया।

बाहरी नेताओं पर माहौल बिगाड़ने का आरोप

पूर्व मंत्री ने कहा कि बाहर के जिलों से आए कुछ नेता पोकरण की शांति और भाईचारे को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उनके अनुसार, स्थानीय माहौल को खराब करने की कोशिश की जा रही है, जबकि पोकरण हमेशा से आपसी सौहार्द के लिए जाना जाता रहा है। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि वह ऐसे तत्वों के दबाव में न आए।

अपराधी को सजा मिले, पूरे समाज को नहीं

सालेह मोहम्मद ने साफ कहा कि यदि कोई अपराधी दोषी है तो उसे सजा मिलनी चाहिए, लेकिन किसी एक व्यक्ति की गलती के कारण पूरे समाज को टारगेट करना गलत है। उन्होंने धार्मिक स्थलों पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई को पूरी तरह अस्वीकार्य बताया और कहा कि इससे सामाजिक सौहार्द को ठेस पहुंचती है।

अधिकारियों पर पक्षपात का आरोप

पूर्व मंत्री ने कुछ प्रशासनिक अधिकारियों पर निष्पक्ष न रहने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि कुछ अधिकारी किसी विशेष विचारधारा के दबाव में काम कर रहे हैं, जो उनकी सेवा शर्तों का उल्लंघन है। जिला प्रशासन को राजनीति से दूर रहकर सभी समाजों को साथ लेकर चलना चाहिए।

प्रधानमंत्री के संदेश का दिया हवाला

सालेह मोहम्मद ने प्रधानमंत्री के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के नारे का हवाला देते हुए कहा कि जब देश का नेतृत्व सभी को साथ लेकर चलने की बात करता है, तो जिला प्रशासन को भी उसी भावना के साथ काम करना चाहिए। किसी एक वर्ग के खिलाफ कार्रवाई करना प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है।

गोवंश अवशेष मिलने के बाद प्रशासन की कार्रवाई

गौरतलब है कि शुक्रवार को केलावा गांव में गोवंश के अवशेष मिलने के बाद शनिवार को हिंदू संगठनों ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया। इसी के चलते पोकरण कस्बा बंद रहा। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने आरोपियों के निर्माणों के साथ-साथ जैसलमेर रोड स्थित पुराने कब्रिस्तान की दीवार को अतिक्रमण बताकर बुलडोजर से गिरा दिया।

अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग

पूर्व मंत्री ने स्पष्ट कहा कि वे केवल ज्ञापन देकर चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने मांग की कि जिन अधिकारियों ने नियमों को नजरअंदाज कर यह कार्रवाई की है, उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई होनी चाहिए।


ज्ञापन और आंदोलन की चेतावनी

सालेह मोहम्मद ने बताया कि जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल प्रशासन से मुलाकात करेगा और पूरे मामले की जानकारी मांगेगा। साथ ही अवैध रूप से की गई कार्रवाई के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ ज्ञापन सौंपा जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन का रास्ता भी अपनाया जा सकता है।