चूरू में महिला कॉन्स्टेबल ने अपने ही विभाग के पुलिसकर्मियों पर लगाया 8 साल तक गैंगरेप का इल्ज़ाम
राजस्थान के चूरू जिले में एक महिला कॉन्स्टेबल ने अपने ही विभाग के तत्कालीन सिद्धमुख थानाधिकारी सहित चार पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
चूरू (राजस्थान), 8 जनवरी 2026: राजस्थान के चूरू जिले में पुलिस विभाग के लिए शर्मनाक खुलासा हुआ है। एक महिला कॉन्स्टेबल ने तत्कालीन सिद्धमुख थानाधिकारी सहित चार पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का दावा है कि 2017 से 2025 तक आरोपियों ने उसे बार-बार डरा-धमकाकर और नशीला पदार्थ पिलाकर सामूहिक दुष्कर्म किया। यह मामला पुलिस महकमे में हड़कंप मचा रहा है, क्योंकि पीड़िता खुद विभाग की कर्मी है और आरोप अपने ही साथियों पर हैं।
महिला कॉन्स्टेबल ने दो सप्ताह पहले चूरू जिला पुलिस अधीक्षक जय यादव को लिखित परिवाद सौंपा था। एसपी के निर्देश पर एक वरिष्ठ अधिकारी ने आंतरिक जांच की, जिसमें प्रारंभिक स्तर पर आरोपों की पुष्टि हुई। इसके बाद बुधवार को सिद्धमुख थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई और जांच शुरू कर दी गई। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण भी बुधवार को ही कराया गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने जांच को तेज कर दिया है।
कैसे शुरू हुई यह दर्दनाक कहानी?
पीड़िता के अनुसार, घटना की शुरुआत 2017 में हुई जब उसकी ड्यूटी सरदारशहर में लगी थी। उस समय बीकानेर से बिजली विभाग की एक टीम कार्रवाई के लिए आई थी। टीम के साथ विक्की नाम का एक युवक भी आया, जिससे महिला कॉन्स्टेबल की बातचीत शुरू हो गई। उसे लगा कि विक्की बिजली विभाग का कर्मचारी है, लेकिन बाद में पता चला कि वह विभाग में नहीं था।
पहली बार टीम आने पर कुछ नहीं हुआ, लेकिन दूसरी बार जब टीम आई, तो उस दिन किसी अन्य महिला कॉन्स्टेबल की ड्यूटी थी। तभी आरोपियों में शामिल एक कॉन्स्टेबल ने पीड़िता को फोन कर कहा कि उसकी ड्यूटी है। सुबह तड़के 3:30 बजे वह थाने पहुंची, जहां से विक्की और वह कॉन्स्टेबल उसे एक होटल ले गए। वहां नशीला पदार्थ पिलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया।
पीड़िता का आरोप है कि इसके बाद लंबे समय तक विभाग के ही कर्मियों ने उसका शोषण किया। आरोपियों ने उसे धमकियां दीं और बार-बार इस जघन्य अपराध को दोहराया। यह सिलसिला 2025 तक चला।
एसपी जय यादव का बयान: सभी पहलुओं की गहन जांच होगी
चूरू एसपी जय यादव ने मामले पर कहा, "मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए निष्पक्ष जांच शुरू कर दी गई है। पीड़िता सात वर्ष पुराने घटनाक्रम में अब शिकायत लेकर सामने आई है। वह पिछले दो महीनों से गैरहाजिरी और कुछ आपराधिक मामलों में संलिप्तता के आरोपों के चलते निलंबित भी है। ऐसे में सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।"