जैसलमेर में सोलर प्लांट पर अपराधियों का कहर, हथियारों के दम पर चोरियों से दहशत

जैसलमेर में अरबों के सोलर प्लांट अपराधियों के निशाने पर, हथियारबंद गैंग से ग्रामीण और गार्ड दहशत में

Jan 25, 2026 - 15:45
जैसलमेर में सोलर प्लांट पर अपराधियों का कहर, हथियारों के दम पर चोरियों से दहशत

राजस्थान के सीमावर्ती जिले जैसलमेर में लगे अरबों रुपए की लागत वाले सोलर और विद्युत संयंत्र इन दिनों अपराधियों के निशाने पर हैं। जिले के भोपा, डांगरी, लखासर समेत आधा दर्जन गांवों में सक्रिय एक शातिर गैंग ने ग्रामीणों और सुरक्षा व्यवस्था की नींद उड़ा दी है। इस गैंग के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर ग्रामीणों और सुरक्षाकर्मियों ने जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा है।

हथियारों के दम पर चोरी और धमकी के आरोप

ज्ञापन में लगाए गए आरोपों के अनुसार, यह गैंग बड़े पैमाने पर सोलर प्लांट और विद्युत संयंत्रों से कीमती सामान की चोरियां कर रहा है। चोरी के दौरान गैंग के सदस्य अवैध हथियारों का इस्तेमाल कर सुरक्षाकर्मियों को धमकाते हैं। कई बार हथियार दिखाकर गार्ड्स को जान से मारने की धमकी भी दी गई है, जिससे सुरक्षा कर्मियों में भय का माहौल बना हुआ है।

बिना नंबर की गाड़ियों से रात में करते हैं वारदात

ग्रामीणों ने बताया कि गैंग के सदस्य बिना नंबर प्लेट की गाड़ियों का इस्तेमाल करते हैं। दिन के समय ये लोग अपनी गाड़ियों को छिपा देते हैं और रात के अंधेरे में चोरी व उत्पात की घटनाओं को अंजाम देते हैं। शिकायत में दो लोगों पर गैंग का संचालन करने का सीधा आरोप लगाया गया है। बताया गया है कि पिछले एक साल में इस गैंग ने करीब 100 से अधिक चोरियों की वारदातों को अंजाम दिया है।

पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए फेक वीडियो का खेल

ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि जब पुलिस इस गैंग के खिलाफ सख्ती दिखाती है, तो गैंग के सदस्य सोशल मीडिया का दुरुपयोग करते हैं। ये लोग खुद को चोट पहुंचाकर या झूठी मारपीट के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर देते हैं। इन वीडियो के जरिए पुलिस पर दबाव बनाया जाता है ताकि कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके। वर्तमान में भी ऐसे कुछ संदिग्ध वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने की बात कही गई है।

इन थाना क्षेत्रों में ज्यादा खतरा

ग्रामीणों और सुरक्षाकर्मियों के अनुसार, सदर, सांगड़, सांकड़ा और झिझनियाली थाना क्षेत्र में इस गैंग का प्रभाव सबसे ज्यादा है। गैंग के पास अवैध हथियारों का जखीरा होने का दावा किया गया है। वारदात के समय ये लोग मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करते, जिससे इनकी लोकेशन ट्रेस करना मुश्किल हो जाता है।

चोरी के पैसों से लग्जरी जीवनशैली

ग्रामीणों का कहना है कि चोरी से हासिल की गई रकम से गैंग के सदस्य लग्जरी जीवन जी रहे हैं। महंगी गाड़ियां, शौक और ऐशो-आराम की जिंदगी उनके बढ़ते अपराध की गवाही दे रही है। इसके बावजूद अब तक इन पर ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी है।

प्रशासन को सख्त चेतावनी

ज्ञापन के अंत में सुरक्षाकर्मियों और ग्रामीणों ने प्रशासन को कड़े शब्दों में चेतावनी दी है। उनका कहना है कि यदि रात्रि गश्त नहीं बढ़ाई गई और विशेष पुलिस टीम बनाकर इस गैंग पर कार्रवाई नहीं की गई, तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने आशंका जताई है कि किसी दिन किसी सुरक्षा गार्ड की जान भी जा सकती है।

ये हैं ग्रामीणों की मुख्य मांगें

ग्रामीणों ने मांग की है कि गैंग के सोशल मीडिया अकाउंट्स की गहन जांच की जाए, बिना नंबर की गाड़ियों को जब्त किया जाए और इनके वाहनों के दस्तावेजों की जांच हो। साथ ही सोलर और विद्युत संयंत्रों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए स्थायी पुलिस व्यवस्था की जाए।अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले में कितनी तेजी से कार्रवाई करता है और सीमावर्ती जिले की सुरक्षा व्यवस्था को कितना मजबूत बना पाता है।