भाजपा ने गौवंश हत्या के आरोपी बासित खान को किया पार्टी से निष्कासित:

राजस्थान के जैसलमेर जिले के पोकरण तहसील के केलावा गांव में 7 जनवरी 2026 की रात हुई गौवंश हत्या के मामले में मुख्य आरोपी बासित खान (पूर्व भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा जिला उपाध्यक्ष) को भारतीय जनता पार्टी ने तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया है।

Jan 15, 2026 - 10:39
भाजपा ने गौवंश हत्या के आरोपी बासित खान को किया पार्टी से निष्कासित:

जैसलमेर/पोकरण। राजस्थान के जैसलमेर जिले के पोकरण तहसील के केलावा गांव में 7 जनवरी की रात हुई क्रूर गौवंश हत्या के मामले में बड़ा राजनीतिक विकास हुआ है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आरोपी बासित खान को पार्टी से तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया है। बासित खान पूर्व में भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष रह चुके हैं।

जैसलमेर भाजपा जिलाध्यक्ष दलपत सिंह हींगड़ा ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा, "पार्टी में ऐसे व्यक्तियों के लिए कोई स्थान नहीं है, चाहे वे किसी भी वर्ग या समुदाय से संबंधित हों। भाजपा गौवंश हत्या जैसे गंभीर अपराधों के खिलाफ 'ज़ीरो टॉलरेंस' की नीति पर पूरी तरह कायम है। हम ऐसे कृत्यों की कड़ी निंदा करते हैं और प्रशासन से आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग करते हैं।"

हींगड़ा ने आगे स्पष्ट किया कि बासित खान का अब पार्टी से कोई संबंध नहीं बचा है और उसके किसी भी कार्य या बयान के लिए भाजपा जिम्मेदार नहीं होगी। उन्होंने कहा, "हमारी पार्टी गाय को माता मानती है और गो-संरक्षण हमारी संस्कृति का अभिन्न अंग है। ऐसे अपराधियों को पार्टी में जगह नहीं दी जा सकती।"

घटना का विवरण: रात में गाड़ी से घसीटकर की गई क्रूर हत्या

यह मामला 8 जनवरी को पोकरण पुलिस थाने में दर्ज किया गया था। ग्रामीणों ने सूचना दी कि 7 जनवरी की रात कुछ असामाजिक तत्वों ने एक गाड़ी से गौवंश को बांधकर लंबी दूरी तक घसीटा और फिर उसकी क्रूर हत्या कर मांस का सेवन किया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जांच शुरू की और अब तक कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें बासित खान भी शामिल हैं।

 विरोध में 10 जनवरी को रहा पोकरण बंद

घटना के विरोध में 9 जनवरी को पोकरण विधायक महंत प्रताप पुरी के साथ विश्व हिंदू परिषद (विहिप), राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और अन्य हिंदू संगठनों ने 10 जनवरी को पोकरण बंद का आह्वान किया था। बंद के दौरान बाजार बंद रहे और लोगों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। इस दौरान गौ-हत्या के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग तेज हुई।