जैसलमेर: नहर में डूबने से किसान की मौत, 2 दिन बाद 248 RD पर मिला शव
जैसलमेर के रामगढ़ में मुख्य नहर की 248 RD के पास लापता किसान जुम्माराम का शव मिलने से सनसनी। पुलिस और सिविल डिफेंस ने कड़ी मशक्कत के बाद निकाला शव। पूरी खबर पढ़ें।
राजस्थान के सीमावर्ती जिले जैसलमेर के रामगढ़ क्षेत्र से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। यहाँ मुख्य नहर की 248 आरडी पुलिया के पास नहर में डूबने से एक किसान की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक किसान पिछले दो दिनों से लापता था, जिसकी तलाश के बाद बुधवार देर शाम उसका शव नहर के गहरे पानी से बरामद किया गया। इस घटना के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मच गया है।
रायसिंहनगर का निवासी था मृतक किसान
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान जुम्माराम के रूप में हुई है। जुम्माराम मूल रूप से श्रीगंगानगर जिले के रायसिंहनगर का निवासी था। वह पिछले काफी समय से जैसलमेर के रामगढ़ इलाके में रह रहा था और यहाँ रामगढ़ माइनर स्थित एक मुरब्बे (कृषि भूमि) पर खेती-बाड़ी का कार्य कर देखभाल करता था।
सोमवार रात से था लापता
परिजनों और मुरब्बा मालिक द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, जुम्माराम सोमवार रात को अपने मुरब्बे पर पहुँचने वाला था, लेकिन वह वहां नहीं पहुँचा। जब काफी समय बीत जाने के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं लगा, तो परिजनों और स्थानीय लोगों को चिंता होने लगी। मंगलवार को पूरे दिन स्थानीय स्तर पर उसकी तलाश की गई, खेतों और आस-पास के रास्तों को छाना गया, लेकिन जुम्माराम का कहीं कोई अता-पता नहीं चला। समय बीतने के साथ ही परिवार वालों की अनहोनी की आशंका गहराती चली गई।
बुधवार को नहर में तैरता मिला शव
लापता होने के दूसरे दिन यानी बुधवार दोपहर को पुलिस को सूचना मिली कि मुख्य नहर की 248 आरडी के पास एक शव पानी में तैरता हुआ देखा गया है। इस सूचना के मिलते ही रामगढ़ पुलिस प्रशासन हरकत में आया और तुरंत मौके पर पहुँचा। लापता किसान के परिजन भी घटनास्थल पर जमा हो गए।शव नहर के बीचों-बीच और गहरे पानी में होने के कारण उसे बाहर निकालना चुनौतीपूर्ण था। स्थिति को देखते हुए तुरंत नागरिक सुरक्षा टीम (Civil Defense) और स्थानीय गोताखोरों को बुलाया गया।
रेस्क्यू ऑपरेशन और पुलिस की कार्रवाई
नागरिक सुरक्षा टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। काफी मशक्कत और कड़ी मेहनत के बाद टीम शव को नहर के गहरे पानी से बाहर निकालने में सफल रही। शव के बाहर आते ही उसकी पहचान जुम्माराम के रूप में की गई, जिसके बाद परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। थानाधिकारी भुटाराम ने बताया कि पुलिस ने मौका मुआयना करने के बाद शव को कब्जे में लिया और स्थानीय अस्पताल की मॉर्च्युरी (मुर्दाघर) में रखवाया। गुरुवार को परिजनों की मौजूदगी में शव का पोस्टमॉर्टम करवाया गया और कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया है।
जांच में जुटी पुलिस
किसान की मौत किन परिस्थितियों में हुई और वह नहर में कैसे गिरा, यह अभी भी एक पहेली बना हुआ है। क्या यह एक हादसा था या इसके पीछे कोई अन्य कारण, पुलिस हर पहलू से मामले की गहनता से जांच कर रही है। फिलहाल क्षेत्र में इस घटना को लेकर शोक की लहर है और पुलिस आसपास के लोगों व मुरब्बा मालिक से पूछताछ कर रही है।