जैसलमेर कांग्रेस में जश्न के बहाने एकजुटता का संदेश, जन्मदिन बना सियासी मंच
जैसलमेर में कांग्रेस जिलाध्यक्ष अमरदीन फकीर के जन्मदिन समारोह से संगठन की एकजुटता और चुनावी संकेत मिले
राजस्थान की राजनीति में कब कौन-सा आयोजन सियासी संदेश दे जाए, यह कहना कठिन होता है। सोमवार रात जैसलमेर में ऐसा ही एक दृश्य देखने को मिला, जब कांग्रेस जिलाध्यक्ष अमरदीन फकीर का 39वां जन्मदिन समारोह केवल निजी उत्सव न रहकर राजनीतिक एकजुटता का प्रतीक बन गया। एक निजी होटल में आयोजित इस कार्यक्रम ने जिले की राजनीति में नई चर्चा को जन्म दे दिया।
जन्मदिन समारोह में सियासी रंग
अमरदीन फकीर के जन्मदिन पर आयोजित समारोह में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। केक काटने, बधाइयों और शुभकामनाओं के बीच मंच से ऐसे संदेश भी दिए गए, जिनका सीधा संबंध पार्टी की अंदरूनी राजनीति से था। समारोह में कुल 39 केक काटे गए, जिसे नेताओं ने महज जन्मदिन की संख्या से नहीं जोड़ा, बल्कि इसे संगठनात्मक मजबूती और आगामी चुनावी तैयारियों का प्रतीक बताया।
‘अब कोई फूट नहीं’ का स्पष्ट संदेश
कार्यक्रम के दौरान मंच से यह संदेश साफ तौर पर दिया गया कि जैसलमेर कांग्रेस में अब किसी तरह की अंदरूनी फूट नहीं है। नेताओं ने कहा कि बीते समय में जो मतभेद रहे, वे अब पीछे छूट चुके हैं। वर्तमान समय में पार्टी का हर कार्यकर्ता और नेता संगठन को मजबूत करने और जनता के मुद्दों को लेकर एकजुट होकर काम करने के लिए तैयार है।
नेताओं की मौजूदगी बनी चर्चा का केंद्र
समारोह में पूर्व मंत्री हरीश चौधरी, पूर्व अल्पसंख्यक मामलात मंत्री सालेह मोहम्मद सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। सभी नेताओं की एक मंच पर मौजूदगी को सियासी तौर पर अहम माना जा रहा है। लंबे समय से जैसलमेर कांग्रेस को लेकर अंदरूनी खींचतान की चर्चाएं चलती रही हैं, लेकिन इस आयोजन में दिखी एकजुटता ने उन अटकलों पर विराम लगाने का काम किया।
डांस का वीडियो और सियासी संदेश
कार्यक्रम उस समय और ज्यादा चर्चा में आ गया, जब संगीत की धुन पर पूर्व विधायक रूपाराम धनदेव डांस करते नजर आए। यह दृश्य मोबाइल कैमरों में कैद हो गया और सोशल मीडिया पर सामने आते ही सियासी हलकों में चर्चा का विषय बन गया। डांस के दौरान पूर्व मंत्री हरीश चौधरी और सालेह मोहम्मद तालियां बजाते दिखाई दिए। इसे कांग्रेस नेताओं की आपसी सहजता और पुराने मतभेद भुलाने की तस्वीर के रूप में देखा जा रहा है।
एक ही जाजम पर बैठे नेता
कार्यक्रम में नेताओं का एक ही जाजम पर बैठना भी राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह तस्वीर उन चर्चाओं के उलट थी, जिनमें जैसलमेर कांग्रेस को गुटबाजी से ग्रस्त बताया जाता रहा है। नेताओं का कहना है कि अब पार्टी व्यक्तिगत मतभेदों से ऊपर उठकर सामूहिक लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
आगामी चुनावों की तैयारी का संकेत
कांग्रेस नेताओं ने संकेत दिए कि पार्टी आने वाले समय में पूरी ताकत के साथ चुनावी मैदान में उतरेगी। 2026 के पंचायत और निकाय चुनावों से लेकर 2028 के विधानसभा चुनाव तक कांग्रेस एकजुट होकर रणनीति बनाएगी। नेताओं का कहना है कि संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और जनता से सीधे जुड़ने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
राजनीतिक संदेश के साथ समाप्त हुआ समारोह
अंत में जन्मदिन समारोह एक साधारण आयोजन से आगे बढ़कर सियासी संदेश देने वाला मंच बन गया। कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी, उनके बीच दिखी एकजुटता और सार्वजनिक रूप से दिए गए बयान यह संकेत दे रहे हैं कि जैसलमेर कांग्रेस आने वाले चुनावों से पहले संगठनात्मक मजबूती दिखाने की कोशिश में जुट गई है। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, यह आयोजन जिले की राजनीति में आने वाले समय में नए समीकरणों का संकेत भी हो सकता है।