22 जनवरी को नागौर आएंगे RSS प्रमुख मोहन भागवत, मर्यादा महोत्सव में लेंगे हिस्सा

RSS प्रमुख डॉ. मोहन भागवत 22 जनवरी को नागौर के छोटी खाटू पहुंचेंगे, जहां आचार्य महाश्रमण संग मर्यादा महोत्सव में शामिल होंगे।

Jan 21, 2026 - 12:29
22 जनवरी को नागौर आएंगे RSS प्रमुख मोहन भागवत, मर्यादा महोत्सव में लेंगे हिस्सा

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत का राजस्थान प्रवास इन दिनों चर्चा में है। इस दौरे को संगठनात्मक, सामाजिक और आध्यात्मिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। डॉ. भागवत 21 और 22 जनवरी को राजस्थान के अलग-अलग क्षेत्रों में कार्यक्रमों में शामिल होंगे। इस दौरान उनका किशनगढ़ और नागौर आगमन प्रस्तावित है।

किशनगढ़ पहुंचेंगे डॉ. भागवत, संघ कार्यकर्ताओं में उत्साह

अपने राजस्थान दौरे के तहत डॉ. मोहन भागवत 21 जनवरी को किशनगढ़ पहुंच रहे हैं। उनके आगमन को लेकर संघ के स्वयंसेवकों में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। शहर में संघ से जुड़े पदाधिकारी और कार्यकर्ता तैयारियों में जुटे हुए हैं। माना जा रहा है कि डॉ. भागवत किशनगढ़ में विभिन्न संगठनात्मक गतिविधियों की जानकारी लेंगे और स्वयंसेवकों से संवाद कर सकते हैं।

21 जनवरी की रात किशनगढ़ में रात्रि विश्राम

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सरसंघचालक 21 जनवरी की रात किशनगढ़ में ही रात्रि विश्राम करेंगे। उनके सिटी रोड स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कार्यालय पहुंचने की भी प्रबल संभावना है। यहां वे संघ के स्थानीय पदाधिकारियों के साथ बैठक कर सकते हैं। यह दौरा सीमित समय का होगा, लेकिन संगठनात्मक दृष्टि से इसे बेहद अहम माना जा रहा है।

22 जनवरी को नागौर के छोटी खाटू में मर्यादा महोत्सव

किशनगढ़ में रात्रि विश्राम के बाद डॉ. मोहन भागवत 22 जनवरी को नागौर जिले के छोटी खाटू पहुंचेंगे। यहां आयोजित होने वाले ‘मर्यादा महोत्सव’ में वे मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस विशेष आयोजन में जैन समाज के प्रमुख संत आचार्य महाश्रमण का सानिध्य भी प्राप्त होगा। इस मंच पर दोनों महान व्यक्तित्वों की उपस्थिति को लेकर सामाजिक और आध्यात्मिक चर्चाओं की संभावना जताई जा रही है।

अहम विषयों पर हो सकती है चर्चा

मर्यादा महोत्सव के दौरान सामाजिक समरसता, नैतिक मूल्यों, जीवन में अनुशासन और समाज में मर्यादा की भूमिका जैसे विषयों पर विचार साझा किए जा सकते हैं। डॉ. भागवत और आचार्य महाश्रमण की इस मुलाकात को विभिन्न समाजों के बीच संवाद और समन्वय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि, यह दौरा एकदिवसीय और संक्षिप्त रहेगा।

Z+ सुरक्षा के बीच चाक-चौबंद इंतजाम

डॉ. मोहन भागवत को प्राप्त Z+ श्रेणी की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। किशनगढ़ और नागौर दोनों ही स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस द्वारा रूट चार्ट तैयार कर लिया गया है और कार्यक्रम स्थलों पर रिहर्सल भी की गई है। हर गतिविधि पर प्रशासन की पैनी नजर बनी हुई है।

प्रशासन और स्वास्थ्य सेवाएं भी सतर्क

उच्चस्तरीय दौरे को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने स्थानीय अस्पतालों की आपातकालीन सेवाओं की भी जांच की है। एंबुलेंस, मेडिकल स्टाफ और आवश्यक संसाधनों को अलर्ट पर रखा गया है। प्रशासनिक अधिकारी लगातार तैयारियों का जायजा ले रहे हैं ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो।

आध्यात्मिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण दौरा

डॉ. मोहन भागवत का यह राजस्थान प्रवास केवल संगठनात्मक नहीं, बल्कि सामाजिक और आध्यात्मिक महत्व भी रखता है। मर्यादा महोत्सव जैसे आयोजन समाज को सकारात्मक दिशा देने का कार्य करते हैं। ऐसे में RSS प्रमुख और जैन संत का एक मंच पर होना कई संदेश देता है, जिस पर पूरे प्रदेश की नजर बनी हुई है।