नागौर में महाराजा सूरजमल की मूर्ति लगाने पर बवाल; पथराव, तनाव और 9 थानों की पुलिस तैनात
नागौर के जोधियासी गांव में महाराजा सूरजमल की मूर्ति पर विवाद, दो पक्षों में पथराव; 9 थानों की पुलिस तैनात।
नागौर जिले के जोधियासी गांव में महाराजा सूरजमल की मूर्ति लगाने को लेकर मंगलवार को दो पक्षों के बीच विवाद गहराने के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए। बस स्टैंड चौराहे पर दोनों पक्षों में पथराव हुआ और नारेबाजी के बाद पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
मौके पर 9 थानों की पुलिस, RAC और QRT टीम तैनात की गई हैं। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।
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कैसे शुरू हुआ विवाद?
गांव में पिछले एक साल से तीन मूर्तियां—
भगवान परशुराम, महाराणा प्रताप, महाराजा सूरजमल लगाने को लेकर विवाद चल रहा था।
सोमवार देर रात एक पक्ष ने बिना पूर्ण स्वीकृति के सूरजमल की मूर्ति लगा दी, जिसके बाद मंगलवार सुबह 5 बजे से दोनों पक्ष अलग-अलग धरने पर बैठ गए।
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टेंट लगाने पर बढ़ा तनाव, हुआ पथराव
दोपहर करीब 1:30 बजे मूर्ति लगाने वाले पक्ष ने उसके पास टेंट लगाने की कोशिश की। दूसरे पक्ष ने विरोध किया और इसी दौरान दोनों ओर से पत्थर फेंके गए।
पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप कर भीड़ को तितर-बितर किया।
प्रशासन मौजूद, वार्ता बेनतीजा
अतिरिक्त जिला कलेक्टर चंपालाल जीनगर ने दोनों पक्षों से वार्ता की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।
मौके पर सदर, कोतवाली, जायल, रोल, गोटन, श्रीबालाजी, भावंडा, सुरपालिया और खींवसर थानों की टीम तैनात है।
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एक पक्ष की मांग—मूर्ति सार्वजनिक स्थल से हटे
ग्रामीण करण सिंह ने कहा कि—
“हमें महाराजा सूरजमल की मूर्ति से समस्या नहीं, लेकिन यह स्पॉट सार्वजनिक स्थल है। यहां सरकारी कार्यालय, बस स्टैंड और पार्किंग की कमी है। मूर्ति गांव में कहीं और लगा दी जाए।”
एक पक्ष ने आरोप लगाया कि सरपंच कमला मूंड और प्रतिनिधि दयालराम मूंड की शह पर मूर्ति लगाई गई।
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ग्राम सभा ने प्रस्ताव पास किया था, लेकिन अंतिम स्वीकृति बाकी
सरपंच प्रतिनिधि दयालराम ने कहा—
“सौंदर्याकरण के लिए ग्राम सभा ने प्रस्ताव पास किया था और जिला कलेक्टर को भेजा था। वहाँ से संभागीय आयुक्त के पास फाइल गई, लेकिन अंतिम स्वीकृति अभी नहीं मिली है।”
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महाराजा सूरजमल: महान योद्धा, अजेय शासक
जन्म: 13 फरवरी 1707, भरतपुर
पिता: राजा बदन सिंह
1755 में राज्य की कमान संभाली
लोहागढ़ दुर्ग, डिंग महल का निर्माण किया
भरतपुर को राजधानी बनाकर मजबूत जाट साम्राज्य खड़ा किया
राजस्थान: भरतपुर, धौलपुर, अलवर
हरियाणा: गुड़गांव, रोहतक, रेवाड़ी, मेवात
उत्तर प्रदेश: आगरा, अलीगढ़, मथुरा, फिरोजाबाद समेत कई क्षेत्रों पर शासन
80 युद्ध लड़े और एक भी नहीं हारे
25 दिसंबर 1763 को नवाब नजीबुद्दौला के साथ युद्ध में धोखे से हत्या
उनकी वीरता का प्रतीक प्रसिद्ध कहावत—
“राजा झुके, झुके मुगल अंग्रेज झुका गगन सारा।”