SI भर्ती रद्द करने के फैसले के खिलाफ अपील पर भड़के हनुमान बेनीवाल; कहा—भ्रष्टाचार का साथ दे रही भजनलाल सरकार
SI भर्ती रद्द करने के फैसले के खिलाफ भजनलाल सरकार की अपील पर हनुमान बेनीवाल ने निशाना साधा, कहा—सरकार कथनी-करनी में अलग।
राजस्थान में S.I. भर्ती 2021 को रद्द करने के हाईकोर्ट की सिंगल बेंच के फैसले के खिलाफ राज्य सरकार द्वारा अपील दायर किए जाने पर RLP के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने तीखा हमला बोला है। बेनीवाल ने कहा कि यह निर्णय भाजपा सरकार की कथनी और करनी में अंतर को स्पष्ट करता है।
बेनीवाल के अनुसार, सरकार की अपील से यह संदेश जाता है कि भर्ती में भ्रष्टाचार सामने आने के बावजूद सरकार उसे बचाने की कोशिश कर रही है।
सरकार ने कहा—कुछ लोगों की गलती से पूरी भर्ती रद्द नहीं हो सकती
SI भर्ती रद्द करने के आदेश के खिलाफ दायर अपील में सरकार की ओर से कहा गया है कि—
“कुछ अभ्यर्थियों की गलती या गड़बड़ी के कारण पूरी भर्ती को रद्द करना उचित नहीं है।”
यही बात अब विवाद का केंद्र बन गई है।
बेनीवाल का हमला—भ्रष्टाचार के साथ मजबूती से खड़ी है BJP
हनुमान बेनीवाल ने कहा—
“भजनलाल शर्मा सरकार ने अपील दायर कर साफ कर दिया है कि किसी भर्ती में भ्रष्टाचार हो भी जाए, तो भी BJP सरकार उसका साथ देने के लिए खड़ी है।”
उन्होंने कहा कि जिस दिन कोर्ट ने भर्ती रद्द करने का आदेश दिया था, उसी दिन मुख्यमंत्री ने इसका श्रेय लेते हुए कहा था कि उनकी गठित जांच एजेंसी के कारण यह संभव हुआ।
CM ने यह भी कहा था कि सरकार इस फैसले के खिलाफ अपील नहीं करेगी।
“लेकिन अब खुद सरकार ने अपील दायर कर दी—यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।”
PM और HM पर भी साधा निशाना
बेनीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को भी कटघरे में खड़ा किया।
उन्होंने कहा—
“चुनावों से पहले दोनों नेता पेपर लीक और भर्ती घोटालों पर युवाओं के साथ न्याय की बातें करते थे। अब मैं पूछता हूं—क्या भ्रष्टाचार के साथ खड़े रहना ही न्याय है?”
CM भजनलाल पर सीधा तंज
अंत में बेनीवाल ने कहा—
“जब पूरे कुएं में ही भांग पड़ी थी, तो इस अपील का क्या औचित्य है?”
उन्होंने CM भजनलाल शर्मा से पूछा कि जब गड़बड़ी इतनी व्यापक थी, तो फिर भर्ती को बचाने के लिए इतनी कोशिश क्यों?