सांसद हनुमान बेनीवाल की मांग पर केंद्र सक्रिय, राजस्थान सरकार को वाहन चैकिंग एसओपी बनाने के निर्देश
हनुमान बेनीवाल की पहल पर केंद्र ने राजस्थान सरकार को वाहन चैकिंग के लिए नई एसओपी बनाने को कहा।
जयपुर। नागौर सांसद और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष हनुमान बेनीवाल की सड़कों पर वाहन चैकिंग से जुड़ी मांग पर केंद्र सरकार ने संज्ञान लिया है। केंद्र ने राजस्थान सरकार के परिवहन विभाग सचिव को पत्र लिखकर इस विषय में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
लोकसभा के मानसून सत्र में नियम 377 के तहत सांसद बेनीवाल ने यह मुद्दा उठाया था। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर परिवहन विभाग के उड़न दस्ते (Flying Squads) बिना किसी निर्धारित प्रक्रिया के अचानक वाहनों—विशेष रूप से ट्रकों—को रोक देते हैं, जिससे भारी सड़क हादसों की संभावना बढ़ जाती है।
🔹 बेनीवाल बोले — बिना चेतावनी वाहन रोकना दुर्घटनाओं का कारण
सांसद ने कहा था कि सड़क सुरक्षा के नियमों के अनुसार किसी भी वाहन को आकस्मिक रूप से रोकना दुर्घटना को आमंत्रण देने के समान है। राजस्थान में अब तक ऐसे मामलों में परिवहन विभाग के 50 से अधिक कर्मचारियों और अधिकारियों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों वाहन चालक भी हादसों का शिकार बन चुके हैं।
🔹 विशिष्ट एसओपी की मांग पर केंद्र का पत्र
हनुमान बेनीवाल ने संसद में वाहन चैकिंग की प्रक्रिया के लिए एक स्पष्ट और विशिष्ट एसओपी (Standard Operating Procedure) बनाने की मांग की थी, ताकि उड़न दस्ते सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए जांच करें और किसी की जान जोखिम में न पड़े।
उनकी इस मांग पर भारत सरकार के सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा ने सांसद को पत्र भेजा है। पत्र में बताया गया है कि केंद्र सरकार ने राजस्थान सरकार के परिवहन सचिव को इस विषय में निर्देशित करते हुए उचित कार्यवाही करने को कहा है।
🔹 सड़क सुरक्षा पर केंद्र-राज्य में समन्वय की उम्मीद
राजस्थान में इस पत्र के बाद सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों ने उम्मीद जताई है कि अब वाहन चैकिंग के लिए एक सुसंगठित नीति और एसओपी तैयार होगी, जिससे सड़कों पर अचानक रुकवाए जाने से होने वाली दुर्घटनाओं पर अंकुश लग सकेगा।