नागौर NH-58 हादसा: घने कोहरे में बस-कार टक्कर, 3 युवकों की मौत
नागौर के NH-58 पर कोहरे में बस और कार की भीषण टक्कर, खाटू जा रहे 3 युवकों की मौत, 5 गंभीर घायल
राजस्थान के नागौर जिले में नेशनल हाईवे-58 पर गुरुवार सुबह घने कोहरे ने एक बार फिर दर्दनाक हादसे को जन्म दिया। सुरपालिया बायपास पर सुबह करीब 7.30 बजे एक लग्जरी कार और स्लीपर बस की आमने-सामने भिड़ंत हो गई। इस भीषण हादसे में कार सवार तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और कुछ देर के लिए हाईवे पर यातायात भी प्रभावित रहा।
कोहरे में दिखना हुआ मुश्किल, हो गई टक्कर
पुलिस के अनुसार हादसे के समय इलाके में घना कोहरा छाया हुआ था। दृश्यता बेहद कम होने के कारण दोनों वाहनों के चालक एक-दूसरे को समय पर नहीं देख सके। दिल्ली से जोधपुर की ओर जा रही स्लीपर बस और बाड़मेर से लाडनूं की तरफ आ रही कार सुरपालिया बायपास पर टकरा गईं। टक्कर इतनी तेज थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और वह बस के अगले हिस्से में फंस गई।
कार में सवार थे आठ दोस्त
हादसे का शिकार हुई कार में कुल आठ युवक सवार थे। सभी बाड़मेर जिले के निम्बलकोट कस्बे के निवासी थे और खाटू श्याम जी के दर्शन के लिए निकले थे। हंसी-खुशी शुरू हुई यह यात्रा कुछ ही घंटों में मातम में बदल गई। टक्कर के बाद कार में बैठे युवक बुरी तरह फंस गए, जिन्हें बाहर निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
तीन युवकों की मौत, पांच गंभीर घायल
हादसे में बींजाराम जाट (19), टीकूराम जाट (26) और चुतराराम सुथार (36) की मौत हो गई। वहीं विशनाराम जाट, विनोद संत, जसाराम, अशोक दर्जी और राऊराम दर्जी गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को पहले डेह में प्राथमिक उपचार दिया गया, इसके बाद उन्हें नागौर के जेएलएन अस्पताल लाया गया। यहां से तीन घायलों की हालत नाजुक होने पर उन्हें जोधपुर रेफर किया गया।
दरवाजे तोड़कर निकाले गए घायल
हादसे के तुरंत बाद आसपास के लोग मदद के लिए दौड़े। कार के दरवाजे बुरी तरह जाम हो चुके थे, जिन्हें तोड़कर घायलों को बाहर निकाला गया। एक गंभीर घायल को मौके पर ही एक राहगीर ने सीपीआर देकर बचाने का प्रयास किया। सूचना मिलने पर सुरपालिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत व बचाव कार्य शुरू किया। कार को बस से अलग करने के लिए जेसीबी मशीन की मदद ली गई।
बस सवार सुरक्षित, कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार स्लीपर बस में सवार सभी यात्री सुरक्षित रहे और किसी को चोट नहीं आई। वहीं कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। पुलिस ने मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे और बाद में परिजनों को सौंप दिए।
निम्बलकोट में पसरा मातम
हादसे की खबर जैसे ही निम्बलकोट पहुंची, पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। तीनों मृतक अपने परिवारों के सहारे थे। बींजाराम व्यवसाय करता था और परिवार को उससे बड़ी उम्मीदें थीं। टीकूराम की एक छोटी बेटी है, जिसके सिर से पिता का साया उठ गया। चुतराराम टैक्सी चलाकर परिवार का पालन-पोषण करता था और उसके तीन छोटे बच्चे हैं। गांव की हर गली में सन्नाटा है और हर आंख नम है।
पुलिस कर रही जांच
पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में घना कोहरा और तेज रफ्तार हादसे की मुख्य वजह मानी जा रही है। प्रशासन ने लोगों से कोहरे के मौसम में सावधानी बरतने और धीमी गति से वाहन चलाने की अपील की है।यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और मौसम के दौरान अतिरिक्त सतर्कता की जरूरत को उजागर करता है, ताकि ऐसी दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।