कोटा में आवारा कुत्तों का आतंक: नायब तहसीलदार सहित 22 लोग लहूलुहान, 5 साल की बच्ची भी शिकार

कोटा में आवारा कुत्तों के बढ़ते हमलों से दहशत का माहौल है। अलग-अलग इलाकों में हुए हमलों में नायब तहसीलदार सहित 22 लोग घायल हो गए, जिनमें एक 5 साल की बच्ची भी शामिल है। सभी घायलों को एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाए गए। लोगों ने नगर निगम से स्थायी समाधान की मांग की है।

Jan 25, 2026 - 14:41
कोटा में आवारा कुत्तों का आतंक: नायब तहसीलदार सहित 22 लोग लहूलुहान, 5 साल की बच्ची भी शिकार

कोटा शहर में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। शहर के अलग-अलग इलाकों में रविवार को हुए हमलों में नायब तहसीलदार समेत कुल 22 लोग घायल हो गए। इनमें एक 5 साल की मासूम बच्ची भी शामिल है। सबसे गंभीर घटना कोटा कलेक्टरेट स्थित एडीएम ऑफिस परिसर में सामने आई, जहां कार्यरत नायब तहसीलदार अनुराग शर्मा पर एक आवारा कुत्ते ने अचानक हमला कर दिया।

नायब तहसीलदार अनुराग शर्मा ने बताया कि वे रविवार सुबह करीब 9:30 बजे ऑफिस पहुंचे थे, तभी एक कुत्ते ने उनके पैर पर जोरदार हमला कर दिया। काटने से उनकी पैंट तक फट गई और पैर में गहरे जख्म बन गए। जैसे-तैसे उन्होंने खुद को कुत्ते से छुड़ाया, लेकिन उसी कुत्ते ने परिसर में मौजूद 5 से 7 अन्य लोगों को भी काट लिया। इस दौरान सफाईकर्मी भी कुत्ते के हमले का शिकार हो गए।

इसी दिन शहर के नयापुरा इलाके के मस्जिद चौक की ओर भी एक कुत्ते ने 4 से 5 लोगों को काट लिया। अलग-अलग इलाकों में हुई इन घटनाओं से पूरे शहर में दहशत का माहौल है। सभी घायलों को तुरंत एमबीएस अस्पताल और अन्य निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उन्हें एंटी रेबीज के इंजेक्शन लगाए गए।

नगर निगम कमिश्नर ओम प्रकाश मेहरा ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार, रेस्क्यू किए गए आवारा कुत्तों को 3 से 4 दिन बाद उसी स्थान पर छोड़ा जाता है। फिलहाल इस विशेष घटना को लेकर कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है, लेकिन यदि यह स्पष्ट होता है कि एक ही कुत्ता अलग-अलग जगह लोगों पर हमला कर रहा है, तो उसे तुरंत रेस्क्यू कर कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में लंबे समय से आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया। लगातार हो रहे हमलों से लोग भयभीत हैं और नगर निगम व प्रशासन से आवारा कुत्तों को पकड़ने और स्थायी समाधान करने की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।