डिस्टर्ब एरियाज बिल 2026 पर सियासत तेज, सरकार समर्थन में तो कांग्रेस आक्रामक

डिस्टर्ब एरियाज बिल 2026 को लेकर राजस्थान में राजनीतिक घमासान, दिलावर का समर्थन और कांग्रेस का विरोध तेज

Jan 22, 2026 - 12:07
डिस्टर्ब एरियाज बिल 2026 पर सियासत तेज, सरकार समर्थन में तो कांग्रेस आक्रामक

राजस्थान सरकार द्वारा ‘डिस्टर्ब एरियाज बिल 2026’ (अशांत क्षेत्र विधेयक) को कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। जहां एक ओर भजनलाल शर्मा सरकार इसे कानून-व्यवस्था और सामाजिक संतुलन के लिए जरूरी कदम बता रही है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने इसे संविधान और समाज के खिलाफ बताते हुए तीखा विरोध शुरू कर दिया है।

सरकार के फैसले का दिलावर ने किया स्वागत

शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने इस विधेयक का खुलकर समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि अशांत घोषित क्षेत्रों में स्थाई निवासियों की संपत्तियों और किराएदारों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए यह बिल बेहद अहम है। दिलावर के मुताबिक, विधानसभा से पारित होने के बाद यह कानून दंगाइयों और असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाएगा।उन्होंने कहा कि इस कानून से उन ताकतों के मंसूबों पर पानी फिर जाएगा, जो जनसंख्या असंतुलन फैलाने और सामाजिक माहौल बिगाड़ने की कोशिश करती हैं। सरकार का उद्देश्य साफ है कि प्रदेश में शांति, सुरक्षा और आपसी सौहार्द बना रहे।

‘लंबे समय से था इस बिल का इंतजार’

मदन दिलावर ने कहा कि यह बीजेपी की सरकार है और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सरकार राजस्थान की जान-माल की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा, “इस कानून का प्रदेश को काफी समय से इंतजार था। अशांत क्षेत्रों में संपत्तियों की खरीद-फरोख्त और किराए से जुड़े मामलों में कई तरह की गड़बड़ियां सामने आती थीं। अब इन पर रोक लगेगी।” उनका कहना था कि कई बार मजबूरी या दबाव में संपत्तियां कम दामों पर खरीदी जाती थीं, जिससे सामाजिक तनाव बढ़ता था। नया विधेयक इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर लाया गया है, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था या असंतुलन न हो।

विपक्ष के तीखे सवाल, कांग्रेस का विरोध

कैबिनेट की मंजूरी के बाद विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने इस विधेयक पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि यह कानून समाज को बांटने वाला और संविधान की भावना के खिलाफ है। टीकाराम जूली ने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस बिल को किसी भी हालत में स्वीकार नहीं करेगी। उनका कहना है कि सरकार इस कानून के जरिए लोगों के मौलिक अधिकारों पर हमला कर रही है।

सड़क से सदन तक होगा संघर्ष’

कांग्रेस ने इस विधेयक के खिलाफ बड़े आंदोलन का ऐलान किया है। नेता प्रतिपक्ष ने चेतावनी दी कि आगामी विधानसभा सत्र में कांग्रेस इस बिल का पुरजोर विरोध करेगी। उन्होंने कहा, “हम सदन के भीतर सरकार की ईंट से ईंट बजा देंगे और सड़क पर उतरकर जनता को भाजपा के विभाजनकारी चेहरे से अवगत कराएंगे।” कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राजस्थान के साझा गौरव और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए पार्टी किसी भी हद तक जाने को तैयार है।

आने वाले सत्र पर टिकी निगाहें

डिस्टर्ब एरियाज बिल 2026 को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव के साफ संकेत मिल रहे हैं। एक तरफ सरकार इसे सुरक्षा और सामाजिक संतुलन से जोड़कर देख रही है, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे राजनीतिक एजेंडा बता रहा है। अब सभी की निगाहें विधानसभा सत्र पर टिकी हैं, जहां इस विधेयक को लेकर तीखी बहस और हंगामे के आसार हैं।