भरतपुर में मोबाइल पर गेम खेल रहा था 10 साल का मासूम थोड़ी देर बाद मौत
राजस्थान के भरतपुर जिले के चिकसाना थाना क्षेत्र अंतर्गत जिरौली गांव में 10 वर्षीय बच्चे शिवा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना गुरुवार रात करीब 10 बजे की है।
भरतपुर, राजस्थान: एक सामान्य शाम अचानक दर्दनाक हादसे में बदल गई, जब 10 साल के मासूम शिवा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बच्चा घर के कमरे में अकेला मोबाइल पर गेम खेल रहा था, जबकि परिवार के सदस्य बरामदे में बैठे हुए थे। कुछ ही मिनटों बाद पिता जब उसे बुलाने गए, तो शिवा बेड पर बेहोश पड़ा मिला—उसके गले में कपड़े का फंदा लिपटा हुआ था। परिवार उसे तुरंत अस्पताल ले गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। यह घटना चिकसाना थाना क्षेत्र के जिरौली गांव में गुरुवार रात करीब 10 बजे की है, जो अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गई है।
घटना की पूरी कहानी: खुशी से मौत तक का सफर
शिवा के रिश्तेदार और नगर निगम के पार्षद श्याम सुंदर गौड़ ने बताया कि शाम को सब कुछ सामान्य था। शिवा के पिता रवि शंकर, मां, बड़ा भाई सूर्याश (11 साल) और बड़ी बहन जीया (14 साल) घर के बरामदे में बैठकर बातें कर रहे थे। शिवा अकेला कमरे में गया और मोबाइल पर गेम खेलने लगा। परिवार को लगा कि बच्चा खेलते-खेलते थक जाएगा, लेकिन कुछ देर बाद जब रवि शंकर उसे बुलाने कमरे में पहुंचे, तो दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए।
शिवा बेड पर अचेत अवस्था में पड़ा था, और उसके गले में एक कपड़े का फंदा कसकर लिपटा हुआ था। पिता ने उसे उठाने की कोशिश की, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। आनन-फानन में परिवार उसे आरबीएम अस्पताल लेकर दौड़ा, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मौत की पुष्टि की। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट अभी आनी बाकी है, लेकिन प्रारंभिक जांच में कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है।
परिवार का सदमा: अनुत्तरित सवालों का बोझ
शिवा का परिवार अभी भी सदमे में है। मां बार-बार बेहोश हो रही है, जबकि पिता और भाई-बहन रो-रोकर बुरा हाल हैं। रिश्तेदारों का कहना है कि शिवा जब कमरे में गया था, तो वह काफी खुश और सामान्य लग रहा था। फिर अचानक क्या हुआ? गले में फंदा कैसे लगा? कमरे से कोई आवाज क्यों नहीं आई? क्या मोबाइल गेम में कोई ऐसी चुनौती थी, जिसने बच्चे को ऐसा कदम उठाने पर मजबूर किया? या यह कोई हादसा था?
परिवार को समझ नहीं आ रहा कि महज कुछ मिनटों में सब कुछ कैसे बदल गया। शिवा को मोबाइल गेम्स की आदत थी, लेकिन कभी ऐसा कुछ नहीं हुआ था। पड़ोसियों का कहना है कि बच्चा बहुत चंचल और होनहार था, लेकिन मोबाइल की लत उसे अकेले समय बिताने पर मजबूर करती थी। यह घटना मोबाइल गेम्स की बढ़ती लत पर सवाल खड़े कर रही है, जहां बच्चे वर्चुअल दुनिया में खोकर रियल लाइफ के खतरे भूल जाते हैं।
पुलिस जांच: हादसा या कुछ और?
चिकसाना थाना पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है। थानाधिकारी ने बताया कि कमरे में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली, और परिवार के सदस्यों ने किसी बाहरी व्यक्ति के आने की बात से इनकार किया है। मोबाइल फोन को जब्त कर लिया गया है, ताकि गेम हिस्ट्री और हाल की एक्टिविटी की जांच की जा सके। क्या यह फ्री फायर या किसी अन्य गेम की कोई डेयरिंग चैलेंज थी, जो गलत हो गई? या महज एक दुर्घटना? पुलिस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।