बाड़मेर जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण, कलक्टर टीना डाबी ने दिए अहम निर्देश
बाड़मेर जिला चिकित्सालय में कलक्टर टीना डाबी का औचक निरीक्षण, मरीज सुविधाओं, साफ-सफाई और स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा
बाड़मेर जिला मुख्यालय स्थित जिला चिकित्सालय में रविवार को जिला कलक्टर टीना डाबी ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, मरीजों की स्थिति और उपचार व्यवस्था की विस्तार से समीक्षा की। निरीक्षण का उद्देश्य मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना और अस्पताल की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाना रहा। जिला कलक्टर ने निरीक्षण के दौरान इमरजेंसी सेवाओं में भर्ती मरीजों से बातचीत कर उनकी स्वास्थ्य स्थिति और मिल रहे उपचार की जानकारी ली। उन्होंने यह भी देखा कि मरीजों को समय पर इलाज और आवश्यक सुविधाएं मिल रही हैं या नहीं।
इमरजेंसी से लेकर आईसीयू तक व्यवस्थाओं का जायजा
निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर टीना डाबी ने अस्पताल के कई महत्वपूर्ण वार्डों का दौरा किया। उन्होंने इमरजेंसी डे-केयर वार्ड, कार्डियक केयर यूनिट, पोस्ट-ऑपरेटिव वार्ड, रामाश्रय वार्ड, मेडिकल आईसीयू, एनेस्थीसिया आईसीयू, फीमेल मेडिकल-ए और फीमेल मेडिकल-बी वार्ड का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता, स्टाफ की तैनाती और मरीजों को दी जा रही सेवाओं की गुणवत्ता की समीक्षा की। जिला कलक्टर ने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में मरीजों को इलाज में परेशानी नहीं होनी चाहिए।
साफ-सफाई और सेवा गुणवत्ता पर दिया विशेष जोर
जिला कलक्टर टीना डाबी ने अस्पताल परिसर की साफ-सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि अस्पताल में स्वच्छता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। वार्डों, शौचालयों और अस्पताल परिसर को नियमित रूप से साफ रखा जाए, ताकि संक्रमण की आशंका न रहे। उन्होंने कहा कि मरीजों और उनके परिजनों को साफ, सुरक्षित और संवेदनशील वातावरण मिलना चाहिए। इसके साथ ही अस्पताल सेवाओं की गुणवत्ता में लगातार सुधार करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश भी दिए।
निर्देशों के शीघ्र पालन का दिया आश्वासन
निरीक्षण के दौरान अस्पताल प्रशासन ने जिला कलक्टर को भरोसा दिलाया कि उनके द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का शीघ्र और प्रभावी ढंग से पालन किया जाएगा। अस्पताल अधीक्षक डॉ. हनुमानराम चौधरी, नर्सिंग अधीक्षक राजेंद्र चौधरी एवं चंदनदान देथा, जगदीश सोनी सहित अन्य वरिष्ठ चिकित्सक, नर्सिंग अधिकारी और स्टाफ इस दौरान मौजूद रहे।
एडीएम और उपखंड अधिकारियों ने भी किया चिकित्सा संस्थानों का निरीक्षण
जिला कलक्टर के निर्देशों के अनुरूप अतिरिक्त जिला कलक्टर राजेन्द्रसिंह चांदावत और जिले के सभी उपखंड अधिकारियों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों में चिकित्सा संस्थानों का निरीक्षण किया। अतिरिक्त जिला कलक्टर ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र रानीगांव और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बालेरा का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
जिलेभर में स्वास्थ्य सेवाओं की हुई समीक्षा
उपखंड अधिकारी बाड़मेर यशार्थ शेखर ने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र कवास का निरीक्षण किया। सेड़वा उपखंड अधिकारी बद्रीनारायण विश्नोई ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सेड़वा का जायजा लिया। चौहटन उपखंड अधिकारी रणछोड़ सोलंकी ने जिला चिकित्सालय चौहटन और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र गोहनिया का निरीक्षण किया। गड़रारोड उपखंड अधिकारी सुरेश कुमार ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र गड़रारोड, रामसर उपखंड अधिकारी रामलाल मीना ने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र रामदेव नगर, रामसर और बायतू उपखंड अधिकारी कल्पित शिवरन ने उप जिला चिकित्सालय बायतू का निरीक्षण किया।
बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में प्रशासन का प्रयास
निरीक्षण के दौरान सभी अधिकारियों ने चिकित्सा संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं, दवाइयों, स्टाफ और साफ-सफाई व्यवस्था की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिला प्रशासन द्वारा जिलेभर में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और आमजन को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।