बाड़मेर में कड़ाके की ठंड का कहर रात का पारा 6.7 डिग्री पर एक दिन में 10 डिग्री गिरा दिन का तापमान
बाड़मेर में कड़ाके की ठंड और शीतलहर का प्रकोप जारी है। रात का न्यूनतम तापमान 6.7 डिग्री तक गिर गया, जबकि एक दिन में दिन का अधिकतम तापमान 10 डिग्री (29.3 से 19.8 डिग्री) गिरा – इस सीजन का सबसे बड़ा झटका।
जोधपुर संभाग के रेगिस्तानी जिले बाड़मेर में इन दिनों शीतलहर और भीषण सर्दी ने लोगों की कंपकंपी छुड़ा दी है। रात का न्यूनतम तापमान गिरकर 6.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि ग्रामीण इलाकों में सर्दी का असर और भी तेज है। भीयाड़ जैसे क्षेत्रों में बर्फ की पतली परत जमती नजर आई है, जिससे स्थानीय निवासियों को घर से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है।
एक दिन में 10 डिग्री तक गिरा दिन का पारा – सीजन का सबसे बड़ा झटका
इस सीजन में पहली बार एक ही दिन में दिन के तापमान में 10 डिग्री की भारी गिरावट दर्ज की गई। गुरुवार को बाड़मेर का अधिकतम तापमान 29.3 डिग्री था, जो शुक्रवार को घटकर 19.8 डिग्री पर आ पहुंचा। इसी तरह रात का तापमान गुरुवार को 13.4 डिग्री से घटकर शुक्रवार को 9.4 डिग्री और फिर शनिवार को 6.7 डिग्री तक लुढ़क गया।गुरुवार देर रात को बाड़मेर शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में हल्की बूंदाबांदी से लेकर मध्यम बारिश हुई। शहर में 2.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके बाद शुक्रवार की अलसुबह से ही शीतलहर शुरू हो गई। लोग सुबह सूरज की पहली किरण का बेसब्री से इंतजार करते दिखे। करीब 9 बजे के बाद धूप निकली तो लोग धूप सेंकने में जुट गए, लेकिन पूरे दिन तेज हवाओं ने सर्दी से कोई राहत नहीं दी। शनिवार सुबह भी ठंड का प्रकोप जारी रहा।
मौसम विभाग का अलर्ट: आने वाले दिनों में भी शीतलहर, 27 जनवरी से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक शीतलहर जारी रहने की संभावना जताई है। रात का पारा 5 डिग्री के आसपास पहुंच सकता है, जो इस सीजन में रिकॉर्ड तोड़ सकता है। इस सीजन में अब तक न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री तक गिर चुका है, जो पिछले सालों के जनवरी के रिकॉर्ड (5.8 डिग्री, 1 जनवरी 2020) के बराबर है। पिछले 5 सालों में जनवरी का न्यूनतम तापमान 6 से 7.8 डिग्री के बीच रहा है।27 जनवरी के आसपास एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की उम्मीद है, जिससे पश्चिमी राजस्थान के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ जगहों पर तेज बारिश भी संभव है। इससे पहले शीतलहर का दौर जारी रहेगा, जिससे लोगों को अलाव जलाकर और गर्म कपड़ों में लिपटकर ठंड से बचना पड़ रहा है।
ग्रामीण इलाकों में सबसे ज्यादा प्रभाव
रेगिस्तानी इलाकों में सर्दी का असर शहर से कहीं ज्यादा है। किसान और पशुपालक प्रभावित हैं, जबकि बिजली-पानी की व्यवस्था पर भी असर पड़ रहा है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों को ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है।