ओएमआर शीट गड़बड़ी पर गहलोत का सरकार पर हमला, निष्पक्ष जांच से बचने का लगाया आरोप
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की परीक्षाओं में ओएमआर शीट बदलने के मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। गहलोत ने सरकार की चुप्पी को चिंताजनक बताते हुए सभी भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
जयपुर। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की परीक्षाओं में ओएमआर शीट बदलने वाले गिरोह के पकड़े जाने के बाद प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस मामले को लेकर भाजपा सरकार पर सीधा हमला बोला है और निष्पक्ष जांच से बचने का आरोप लगाया है।
गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि ओएमआर शीट बदलने वाले गिरोह के पकड़े जाने के कई दिन बीत जाने के बावजूद राज्य सरकार की रहस्यमयी चुप्पी चिंताजनक है। उन्होंने सवाल उठाया कि जो सरकार ‘जीरो टॉलरेंस’ का दावा करती है, वह अपने कार्यकाल 2024-25 के दौरान हुई भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच की घोषणा क्यों नहीं कर रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने युवाओं के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए देश के सबसे सख्त कानून बनाए थे, जिनमें आजीवन कारावास, 10 करोड़ रुपये तक जुर्माना और दोषियों की संपत्ति जब्त करने जैसे प्रावधान शामिल थे। उन्होंने यह भी कहा कि बिना किसी भेदभाव के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें जेल भेजा गया।
गहलोत ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार युवाओं के साथ न्याय नहीं करना चाहती और केवल पूर्ववर्ती सरकारों पर दोष मढ़ने का प्रयास कर रही है। उन्होंने दो साल में हुई सभी भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग दोहराई।
इस बीच मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और भाजपा नेताओं ने भी गहलोत पर पलटवार किया है। सीएम शर्मा ने कहा कि वर्ष 2019 में हुए पेपर लीक और ओएमआर से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी पूर्व सरकार की भी रही है। उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं के साथ गलत करने वालों को सजा भुगतनी होगी और सरकार का लक्ष्य युवाओं का भविष्य सुरक्षित रखना है।
ओएमआर शीट गड़बड़ी के इस मामले ने एक बार फिर राजस्थान की भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।