धोरीमना में अब बीजेपी का शक्ति प्रदर्शन कांग्रेस की आक्रोश रैली का जवाब देंगे मंत्री के के बिश्नोई

राजस्थान के बालोतरा जिले में धोरीमन्ना (धोरीमना) और गुड़ामालानी उपखंडों को बाड़मेर जिले से अलग कर बालोतरा में शामिल करने के सरकारी फैसले के खिलाफ राजनीतिक तनाव चरम पर है।

Jan 22, 2026 - 19:21
धोरीमना में अब बीजेपी का शक्ति प्रदर्शन कांग्रेस की आक्रोश रैली का जवाब देंगे मंत्री के के बिश्नोई

बाड़मेर/बालोतरा: मारवाड़ की राजनीति में धोरीमना और गुड़ामालानी को बालोतरा जिले में शामिल करने का मुद्दा अब एक बड़े सियासी दंगल का रूप ले चुका है। पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी के नेतृत्व में हुए कांग्रेस के लंबे धरने और 'आक्रोश रैली' के बाद, अब भारतीय जनता पार्टी ने भी अपनी ताकत दिखाने की पूरी तैयारी कर ली है।

कांग्रेस ने बनाया था 'महा-गठबंधन'

पिछले दिनों इस मुद्दे पर कांग्रेस ने जमकर राजनीति गरमाई थी। हेमाराम चौधरी के समर्थन में प्रदेश के दिग्गज नेता—सचिन पायलट, पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली तक धोरीमना की सड़कों पर उतरे थे।

हैरानी की बात यह रही कि विधायक हरीश चौधरी ने इस मुद्दे पर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) की भी जमकर तारीफ की थी, क्योंकि आरएलपी कार्यकर्ताओं ने इस आंदोलन में कंधे से कंधा मिलाकर साथ दिया था। कांग्रेस की उस रैली में उमड़ी भारी भीड़ ने सरकार की चिंताएं बढ़ा दी थीं।

बीजेपी का 'शक्ति प्रदर्शन': 25 तारीख को होगी जवाबी रैली

अब इस सियासी हमले का जवाब देने की जिम्मेदारी राज्य सरकार के राज्यमंत्री और स्थानीय विधायक के.के. बिश्नोई ने उठाई है। पुनर्गठन के बाद मंत्री बिश्नोई पहली बार अपने विधानसभा क्षेत्र पहुंच रहे हैं। बीजेपी इसे केवल एक स्वागत समारोह नहीं, बल्कि कांग्रेस की रैली के जवाब के तौर पर देख रही है।

भव्य स्वागत: 25 तारीख को मंत्री के.के. बिश्नोई, पचपदरा और सिवाना के विधायकों के साथ भारी लाव-लश्कर के साथ बालोतरा जिले की सीमा में प्रवेश करेंगे।

रूट: सीमा पर स्वागत के बाद जगह-जगह जनसंपर्क होगा।

अंतिम पड़ाव: रैली का समापन उसी धोरीमना कस्बे में होगा जहाँ कांग्रेस ने अपनी ताकत दिखाई थी। बीजेपी यहां एक विशाल जनसभा के जरिए भीड़ जुटाकर अपनी लोकप्रियता साबित करना चाहती है।

आरोपों पर पलटवार की तैयारी

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि मंत्री के.के. बिश्नोई अपने भाषण में उन तमाम व्यक्तिगत और राजनीतिक आरोपों का जवाब देंगे, जो कांग्रेस नेताओं ने पिछले दिनों उन पर लगाए थे। यह रैली न केवल जवाब होगी, बल्कि आगामी पंचायती राज चुनाव के लिए बीजेपी के प्रचार अभियान का शंखनाद भी मानी जा रही है।

जहां कांग्रेस ने जिले के पुनर्गठन को लेकर जनता के बीच अपनी पैठ बनाने की कोशिश की है, वहीं बीजेपी अब विकास और सत्ता के दम पर उसे चुनौती दे रही है। अब देखना यह होगा कि क्या बीजेपी की यह रैली कांग्रेस की उस 'आक्रोश रैली' की भीड़ का रिकॉर्ड तोड़ पाएगी?