बजरी माफियाओं के खिलाफ RLP की हुंकार, रियां बड़ी में 10 जनवरी को विशाल जनरैली
नागौर के रियां बड़ी में RLP की विशाल रैली, बजरी माफिया, किसानों की समस्याएं और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन।
नागौर जिले के रियां बड़ी कस्बे में शनिवार को सियासी माहौल गरमाने वाला है। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) बजरी माफियाओं और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ सड़कों पर उतरने जा रही है। पार्टी की ओर से यहां एक विशाल रैली का आयोजन किया जाएगा, जो दोपहर 12:15 बजे डाक बंगले के पास शुरू होगी। रैली को लेकर क्षेत्र में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
सरकार तक आवाज पहुंचाने का दावा
पार्टी कार्यालय से जारी प्रेस नोट के अनुसार, इस रैली का मुख्य उद्देश्य मेड़ता विधानसभा क्षेत्र सहित आसपास के इलाकों की गंभीर जनसमस्याओं को सरकार के सामने मजबूती से उठाना है। RLP का कहना है कि लंबे समय से आमजन, किसान और मजदूर विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही। रैली के माध्यम से इन मुद्दों को सार्वजनिक रूप से उठाकर प्रशासन और सरकार पर दबाव बनाया जाएगा।
किसान, युवा और मजदूरों की बड़ी भागीदारी की उम्मीद
RLP नेताओं के अनुसार, रैली में किसान, युवा और मजदूर बड़ी संख्या में शामिल होंगे। पार्टी का दावा है कि यह केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आमजन के हक और अधिकारों की लड़ाई है। ग्रामीण इलाकों से लोगों के पहुंचने के लिए विशेष इंतजाम भी किए गए हैं। रैली में शामिल होने के लिए आसपास के गांवों में पहले से ही संपर्क अभियान चलाया गया था।
हनुमान बेनीवाल करेंगे संबोधित
कार्यक्रम की खास बात यह रहेगी कि RLP के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल स्वयं रैली को संबोधित करेंगे। उनके साथ पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मंच साझा करेंगे। माना जा रहा है कि बेनीवाल अपने भाषण में सरकार की नीतियों पर तीखा हमला कर सकते हैं और जनसमस्याओं को लेकर स्पष्ट मांगें रखेंगे।
बजरी माफियाओं और अवैध खनन पर फोकस
रैली में प्रमुख मुद्दा बजरी माफियाओं की मनमानी और अवैध खनन गतिविधियां रहेंगी। RLP का आरोप है कि अवैध बजरी खनन से न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि आमजन की सुरक्षा भी खतरे में है। कई इलाकों में भारी वाहनों की आवाजाही से सड़कें खराब हो चुकी हैं और हादसों का खतरा बढ़ गया है। पार्टी इन गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाने की मांग करेगी।
किसानों से जुड़े अहम मुद्दे भी उठेंगे
रैली में किसानों से जुड़े कई अहम मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया जाएगा। रेलवे लाइन के लिए अधिग्रहित भूमि का गलत सर्वे कर किसानों को कम मुआवजा देने का आरोप लगाया जाएगा। इसके अलावा मेड़ता विधानसभा क्षेत्र में अतिवृष्टि से प्रभावित गांवों को आपदा श्रेणी में शामिल करने की मांग रखी जाएगी। विद्युत हाई टेंशन लाइन से प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिलाने का मुद्दा भी रैली के एजेंडे में शामिल है।
गौचर भूमि और फसल बीमा पर भी आवाज
धनापा–पुंदलू क्षेत्र में गौचर भूमि के किस्म परिवर्तन का मामला भी रैली में उठेगा। RLP का कहना है कि इससे पशुपालकों को भारी नुकसान हो रहा है। साथ ही फसल बीमा कंपनियों की मनमानी के खिलाफ भी पार्टी आवाज बुलंद करेगी। किसानों का आरोप है कि नुकसान के बावजूद उन्हें सही मुआवजा नहीं मिल पा रहा।
निर्णायक लड़ाई का दावा
RLP नेताओं का कहना है कि यह रैली किसानों और आमजन के अधिकारों की लड़ाई है, जिसे अब निर्णायक मोड़ तक ले जाया जाएगा। पार्टी ने साफ किया है कि अगर मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आगे भी आंदोलन तेज किए जाएंगे। रैली को लेकर पूरे क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है।