झुंझुनूं में साधु फतेहनाथ की आत्महत्या, 8 पेज का सुसाइड नोट और वीडियो से मचा हड़कंप
झुंझुनूं के खेतड़ी में साधु फतेहनाथ ने आत्महत्या की, सुसाइड नोट व वीडियो में कई लोगों पर लगाए गंभीर आरोप
राजस्थान के झुंझुनूं जिले के खेतड़ी क्षेत्र से एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है। पपुरना गांव में रहने वाले 30 वर्षीय साधु बाबा फतेहनाथ महाराज ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उनका शव बुधवार को आश्रम के अंदर फंदे पर झूलता हुआ मिला। इस घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है और नाथ संप्रदाय से जुड़े लोगों में शोक का माहौल है।
गुरु के देवलोक गमन के बाद बढ़ा तनाव
बताया जा रहा है कि बाबा फतेहनाथ के गुरु बाबा चंद्रनाथ महाराज का 27 दिसंबर को देवलोक गमन हो गया था। गुरु के निधन के बाद फतेहनाथ महाराज मानसिक तनाव में थे। आशंका जताई जा रही है कि गुरु द्वारा वचन के अनुसार ‘चीरना’ और ‘चढ़ाने’ की प्रक्रिया पूरी नहीं होने से वे गहरे तनाव में चले गए थे, जिसके चलते उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया।
आश्रम में फंदे पर झूलता मिला शव
पपुरना स्थित आश्रम में रहने वाले बाबा फतेहनाथ का शव ग्रामीणों ने फांसी के फंदे पर झूलता देखा। इसकी सूचना तुरंत खेतड़ी पुलिस को दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर राजकीय उप जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। मृतक की पहचान नांगला नाथूसर निवासी फतेहचंद पुत्र गिरधारीलाल के रूप में हुई है, जो नाथ संप्रदाय में फतेहनाथ के नाम से जाना जाता था।
आठ पेज का सुसाइड नोट और सोशल मीडिया वीडियो
पुलिस को मौके से एक रजिस्टर मिला, जिसमें आठ पेज का सुसाइड नोट लिखा हुआ था। सुसाइड नोट पर 29 दिसंबर 2025 की तारीख दर्ज है। इससे स्पष्ट होता है कि बाबा ने आत्महत्या से एक रात पहले यह नोट लिखा था। इसके अलावा उन्होंने एक वीडियो भी बनाया, जिसे सोशल मीडिया पर अपलोड किया गया। वीडियो में उन्होंने अपनी मौत के कारणों का जिक्र किया है।
गुरु के वचन को बताया झूठा
सुसाइड नोट में बाबा फतेहनाथ ने लिखा है कि उनके गुरु चंद्रनाथ महाराज ने उन्हें देवलोक गमन से पहले ‘चीरा’ लगाने का वचन दिया था, लेकिन वह वचन पूरा नहीं हुआ। उन्होंने इसे झूठा वचन बताया और कहा कि इसी बात से वे बेहद आहत थे। वीडियो में भी उन्होंने इसी बात को दोहराते हुए अपनी पीड़ा जाहिर की।
परिजनों और आश्रम से जुड़े लोगों पर आरोप
सुसाइड नोट में बाबा ने बगड़ स्थित चंद्रनाथ योग आश्रम के भानीनाथ और विक्रमनाथ पर प्रताड़ना और मारपीट के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने लिखा कि आश्रम में अन्याय होता है और गलत कार्य किए जाते हैं। इसके अलावा उन्होंने अपनी सगी बहन अमरी उर्फ अमृता, बुआ मीरादेवी, बड़ी बुआ के बेटे लक्ष्मणराम, सुरेश और साध्वी ओमनाथ को भी अपनी आत्महत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार
बाबा फतेहनाथ ने अपने सुसाइड नोट में प्रधानमंत्री, राजस्थान के मुख्यमंत्री और नाथ संप्रदाय से जुड़े उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस जांच में जुटी
खेतड़ी पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस सुसाइड नोट, वीडियो और अन्य तथ्यों के आधार पर पूरे मामले की पड़ताल कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी आरोपों की गंभीरता से जांच की जाएगी और जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।यह घटना न केवल एक साधु की मौत का मामला है, बल्कि आश्रम व्यवस्था और आस्था से जुड़े सवाल भी खड़े करती है। पुलिस जांच के बाद ही इस पूरे मामले की सच्चाई सामने आ पाएगी।