करौली कांड: कमजोर धाराओं से छूटे आरोपी, न्याय के लिए भटकता पीड़ित परिवार

करौली में पुलिस की लापरवाही से आरोपी जमानत पर बाहर, धमकियों से पीड़ित परिवार पलायन को मजबूर

Jan 23, 2026 - 12:31
करौली कांड: कमजोर धाराओं से छूटे आरोपी, न्याय के लिए भटकता पीड़ित परिवार

राजस्थान के करौली जिले से सामने आया एक मामला न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि जब सिस्टम सुस्त पड़ जाए तो पीड़ित परिवार को किस कदर संघर्ष करना पड़ता है। यहां एक परिवार पुलिस की कथित लापरवाही और कमजोर कानूनी धाराओं के चलते आज अपने ही घर से पलायन करने को मजबूर हो गया है। आरोप है कि गंभीर अपराध के बावजूद पुलिस ने हल्की धाराओं में मामला दर्ज किया, जिससे आरोपी जल्द ही जेल से बाहर आ गए।

27 नवंबर की घटना ने बदली जिंदगी

पीड़ित परिवार के मुताबिक, 27 नवंबर 2025 को गांव के ही कुछ दबंगों ने उनके घर पर हमला किया। यह घटना सिर्फ मारपीट तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें महिला की गरिमा पर भी सीधा हमला किया गया। पीड़िता के साथ बेरहमी से मारपीट की गई, जिससे उसके शरीर में चार जगह फ्रैक्चर हो गए। आरोप है कि हमलावरों ने महिला के कपड़े फाड़ दिए और उसके गहने भी लूट लिए। परिवार का कहना है कि यह हमला पूरी तरह सुनियोजित था और इसका मकसद उन्हें डराना था।

कमजोर धाराओं में दर्ज हुआ केस

पीड़ित परिवार का आरोप है कि इतनी गंभीर चोटों और महिला के साथ हुई ज्यादती के बावजूद पुलिस ने मामले में हल्की धाराएं लगाईं। इसी का नतीजा रहा कि आरोपी कुछ ही दिनों में जमानत पर बाहर आ गए। परिवार का कहना है कि यदि शुरू से ही सख्त धाराएं लगाई जातीं, तो आरोपी जेल में रहते और आज उन्हें जान का डर न होता।

जमानत के बाद बढ़ा आतंक

आरोपियों के बाहर आते ही पीड़ित परिवार की मुश्किलें और बढ़ गईं। परिवार का कहना है कि अब उन्हें लगातार धमकियां दी जा रही हैं। जान से मारने की धमकी, घर में आग लगाने की चेतावनी और खेतों से जबरन फसल काटने जैसे आरोप लगाए गए हैं। हालात ऐसे हो गए कि बच्चों को स्कूल भेजना तक मुश्किल हो गया है। पढ़ाई पूरी तरह ठप है और परिवार दहशत के साये में जी रहा है।

पलायन को मजबूर परिवार

लगातार मिल रही धमकियों से डरकर पीड़ित परिवार ने अपना घर छोड़ दिया है। उनका कहना है कि वे न्याय की उम्मीद में दर-दर भटक रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें कोई ठोस सुरक्षा नहीं मिल पाई। परिवार के सदस्य अलग-अलग जगहों पर शरण लेने को मजबूर हैं, ताकि जान बचाई जा सके।

एसपी कार्यालय पहुंचा पीड़ित परिवार

जब हालात बर्दाश्त से बाहर हो गए, तो पीड़ित परिवार करौली एसपी कार्यालय पहुंचा और अपनी आपबीती सुनाई। परिवार की हालत और आरोपों की गंभीरता को देखते हुए एसपी लोकेश सोनवाल ने तुरंत संज्ञान लिया। उन्होंने मौके पर ही थाना अधिकारी को अपने कार्यालय तलब किया और मामले की जानकारी ली।

एसपी लोकेश सोनवाल का सख्त रुख

एसपी लोकेश सोनवाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जांच में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और यदि जरूरत पड़ी तो आरोपियों के खिलाफ और सख्त धाराएं जोड़ी जाएंगी। एसपी ने पीड़ित परिवार को सुरक्षा का भरोसा भी दिलाया है।

न्याय की उम्मीद

फिलहाल पीड़ित परिवार को एसपी के हस्तक्षेप से कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन उनका कहना है कि जब तक आरोपियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती और उन्हें स्थायी सुरक्षा नहीं मिलती, तब तक डर खत्म नहीं होगा। यह मामला एक बार फिर सवाल खड़ा करता है कि क्या समय पर सख्त कार्रवाई से पीड़ितों को पलायन से बचाया जा सकता था। अब देखना होगा कि जांच के बाद सिस्टम पीड़ित परिवार को कितना न्याय दिला पाता है।