हमारे राज में बदमाशी हुई तो जेल भेजो" – हेमाराम चौधरी के अपनी ही सरकार पर तीखे प्रहार, राजस्थान की राजनीति में हड़कंप।
बाड़मेर के कद्दावर नेता हेमाराम चौधरी का बड़ा बयान! अपनी ही पूर्ववर्ती गहलोत सरकार को घेरा और ओएमआर शीट घोटाले पर भजनलाल सरकार को दी खुली चुनौती। पढ़ें पूरी खबर।
राजस्थान की राजनीति में सादगी और बेबाकी के लिए पहचाने जाने वाले पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी इन दिनों चर्चाओं के केंद्र में हैं। बाड़मेर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अपनी ही पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल को लेकर ऐसे सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे राजनीतिक हलकों में खलबली मच गई है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि पिछले शासनकाल में कोई गड़बड़ी हुई है, तो वर्तमान सरकार को दोषियों को जेल भेजने में हिचकना नहीं चाहिए।
"गलत किया है तो जेल भेजो" – हेमाराम का बेबाक अंदाज
हेमाराम चौधरी ने वर्तमान भजनलाल सरकार को संबोधित करते हुए कहा कि अब सत्ता आपके हाथ में है। उन्होंने कहा, "अब राज भजनलाल जी का है। हमारे शासन काल में यदि किसी ने भी बदमाशी या भ्रष्टाचार किया है, चाहे वह खुद हेमाराम ही क्यों न हो, उसे जेल भेजा जाना चाहिए। आपके राज में गलत काम करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी ही चाहिए।"
उनका यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि उन्होंने किसी विपक्षी नेता पर निशाना साधने के बजाय अपनी ही पार्टी की तत्कालीन सरकार के दौरान हुई गड़बड़ियों को स्वीकार करने और उन पर जांच की चुनौती दी है।
भर्ती परीक्षाओं में धांधली पर उठाए सवाल
पूर्व मंत्री ने सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता की कमी और भ्रष्टाचार का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने विशेष रूप से चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती में ओएमआर (OMR) शीट घोटाले का जिक्र किया। हेमाराम चौधरी ने मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि युवाओं का सिस्टम पर भरोसा बना रहे। इसके साथ ही, उन्होंने मतदाता सूची में आपत्तियों के नाम पर हो रही धांधली पर भी सवाल उठाए और इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताया।
1977 के इतिहास का दिया हवाला
अपने संबोधन में हेमाराम चौधरी ने चेतावनी भरे लहजे में इतिहास की याद दिलाई। उन्होंने 1977 के राजनीतिक घटनाक्रम का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह उस समय की जनता ने सत्ता के अहंकार को देखते हुए कांग्रेस को बड़ा झटका दिया था, आज वैसे ही हालात भाजपा सरकार के सामने भी बन सकते हैं। उन्होंने संकेत दिया कि यदि जनता की समस्याओं और भ्रष्टाचार पर लगाम नहीं लगी, तो जनता विकल्प चुनने में देर नहीं करती।
हरीश चौधरी ने भी सरकार और सिस्टम को घेरा
इसी कार्यक्रम में मौजूद बायतु विधायक और पूर्व मंत्री हरीश चौधरी ने भी सुर में सुर मिलाते हुए ओएमआर शीट घोटाले पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा, "जब एक मेहनती और योग्य बच्चा परीक्षा देता है और धांधली के कारण पीछे रह जाता है, तो इससे बड़ा पाप कुछ नहीं हो सकता।"
हरीश चौधरी ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कार्यकाल के दौरान सचिन पायलट द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ निकाली गई जयपुर-अजमेर पदयात्रा का भी जिक्र किया, जो यह दर्शाता है कि भ्रष्टाचार का मुद्दा पार्टी के भीतर लंबे समय से सुलग रहा है।
"RPSC और RSSB को तुरंत भंग किया जाए"
हरीश चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर भी अपनी भड़ास निकाली। उन्होंने प्रदेश की चयन संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर कड़े प्रहार करते हुए लिखा कि सरकारी भर्तियों में फर्जीवाड़ा अब एक आम बात हो गई है। उन्होंने कहा- एक बेरोजगार युवा अपने जीवन के कई वर्ष तैयारी में खपा देता है, लेकिन सिस्टम की धांधली उसका भविष्य अंधकार में धकेल देती है। यह हम सभी की सामूहिक नाकामी है।"
उन्होंने मांग की कि राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) और राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) को तत्काल भंग कर दिया जाना चाहिए और रोस्टर प्रणाली को लेकर ठोस निर्णय लिया जाना चाहिए।
बाड़मेर के इन दोनों दिग्गज नेताओं के बयानों ने न केवल भाजपा सरकार को कार्रवाई के लिए उकसाया है, बल्कि अपनी ही पार्टी के भीतर आत्ममंथन की स्थिति भी पैदा कर दी है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि भजनलाल सरकार इन आरोपों और जांच की मांग पर क्या रुख अपनाती है।