रेगिस्तान में MD का जाल जोधपुर के बाद बाड़मेर बना नया ड्रग हब, 2 माह में 6 फैक्ट्रियां बेनकाब
पश्चिमी राजस्थान में डोडा-चूरा तस्करी से जुड़े गिरोह अब MD ड्रग के कारोबार में उतर चुके हैं। जोधपुर में सख्ती के बाद तस्करों ने बाड़मेर को नया हब बना लिया है।
पश्चिमी राजस्थान में नशे के कारोबार का ट्रेंड तेजी से बदल रहा है। डोडा-चूरा और अफीम की तस्करी से जुड़े पुराने गिरोह अब महंगी और हाई-प्रॉफिट सिंथेटिक ड्रग ‘MD’ की ओर शिफ्ट हो गए हैं। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि जो तस्कर पहले एमपी और चित्तौड़गढ़ से डोडा-पोस्त लाकर सप्लाई करते थे, उनके ही गुर्गे अब बाड़मेर और आसपास के सरहदी इलाकों में MD की फैक्ट्रियां खड़ी कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार डोडा-चूरा में कम मुनाफा और बढ़ती सख्ती के कारण तस्करों ने MD को नया धंधा बना लिया है। यह ड्रग राजस्थान से गुजरात, महाराष्ट्र (मुंबई) और दिल्ली तक सड़क मार्ग से पहुंचाई जा रही है। युवाओं को तेज कमाई का लालच देकर उन्हें मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई चेन में शामिल किया जा रहा है।
बाड़मेर ही क्यों बना तस्करों की पसंद?
जोधपुर में सख्ती: जोधपुर में नारकोटिक्स विभाग की कार्रवाई से MD तस्करी पर काफी हद तक अंकुश लगा।
भारत माला हाईवे का ‘गोल्डन रूट’: बाड़मेर से गुजरने वाला भारतमाला हाईवे राजस्थान को गुजरात और महाराष्ट्र से जोड़ता है। इसी रूट से केमिकल मुंबई से लाए जाते हैं और तैयार MD गुजरात-मुंबई तक भेजी जाती है।
भौगोलिक स्थिति: रेतीले धोरे, दूर-दराज और सुनसान इलाकों में फैक्ट्री चलाना आसान। कई जगहों पर मुर्गी फार्म या बाड़ों की आड़ में यूनिट संचालित मिलीं, जहां वाहन पहुंचना भी मुश्किल है।
फरवरी 2026 में पश्चिमी राजस्थान में 6 MD फैक्ट्रियां पकड़ी गईं—इनमें 5 बाड़मेर और 1 जालोर जिले में।
एसपी नरेंद्र सिंह मीणा के अनुसार, पुराने डोडा-पोस्त तस्करों की सूची तैयार कर उनकी निगरानी बढ़ाई गई है। बॉर्डर के नजदीक होने और गुजरात कनेक्टिविटी के कारण बाड़मेर तस्करों के लिए मुफीद साबित हो रहा है। तेज पैसे की चाह में स्थानीय युवाओं को आगे कर नेटवर्क फैलाया जा रहा है।
बीट प्रभारियों को सुनसान इलाकों में गश्त के निर्देश दिए गए हैं। पिछली फैक्ट्रियों की निशानदेही के आधार पर अन्य संभावित ठिकानों की तलाश जारी है।
2 माह में बाड़मेर में 5 बड़ी कार्रवाई
23 फरवरी 2026, बावड़ी कल्ला (चौहटन): 200 लीटर से ज्यादा केमिकल व मशीनरी बरामद, एक गिरफ्तार।
22 फरवरी 2026, सिंहार (सेड़वा) मुर्गी फार्म: 4.73 किलो तैयार MD, करीब 8.50 करोड़ रुपए का माल व कच्चा सामान जब्त।
21 फरवरी 2026, सेड़वा: खेत के कमरे में चल रही फैक्ट्री से 3 किलो MD व भारी मात्रा में केमिकल बरामद।
16 फरवरी 2026, खरड़ धोरीमन्ना: 187 किलो संदिग्ध केमिकल व उपकरण जब्त।
5 फरवरी 2026, भैरुड़ी (भारत-पाक बॉर्डर के पास): सुनसान धोरों में छप्पर डालकर चल रही फैक्ट्री पकड़ी गई।
27 फरवरी को जालोर जिले के बागौड़ा क्षेत्र में अत्याधुनिक उपकरणों से लैस MD फैक्ट्री पकड़ी गई। मौके से 400 लीटर केमिकल बरामद हुआ। आरोपी ओमप्रकाश ने 5 माह पहले यूनिट लगाई और 4 माह में 120 किलो MD तैयार कर राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र में सप्लाई कर दी। उसका पैटर्न हर 10 दिन में 10 किलो MD तैयार करने का था।