उदयपुर फाइल्स को लेकर हनुमान बेनीवाल का बड़ा धमाका: बोले- 'एपिंस्टन' जैसा होगा खुलासा, लपेटे में आएंगे कई दिग्गज नेता
हनुमान बेनीवाल ने उदयपुर फाइल्स, पीएम मोदी के दौरे और राजस्थान की राजनीति पर तीखे हमले किए। कई नेताओं ने आरएलपी जॉइन की।
हनुमान बेनीवाल का बड़ा आरोप: 'उदयपुर फाइल्स' में खुलेगी कई मंत्रियों की पोल, पीएम के दौरे को बताया इवेंट मैनेजमेंट
जयपुर। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के सुप्रीमो और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने शनिवार को राजस्थान की राजनीति में 'उदयपुर फाइल्स' का मुद्दा उठाकर सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। जयपुर स्थित अपने आवास पर मीडिया से बातचीत करते हुए बेनीवाल ने सरकार और विपक्ष दोनों पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने दावा किया कि उदयपुर फाइल्स की सच्चाई 'एपिंस्टन कांड' की तरह चौंकाने वाली होगी, जिसमें सत्ता पक्ष और संगठन के कई बड़े चेहरों के नकाब उतरेंगे।
आज जयपुर आवास पर मीडिया के बंधुओ के साथ हुई वार्ता से जुड़ा वीडियो आपके साथ साझा कर रहा हूँ | pic.twitter.com/FWONQpKhHI — HANUMAN BENIWAL (@hanumanbeniwal) February 28, 2026
उदयपुर फाइल्स: "सीएमओ तक जुड़े हैं तार"
सांसद बेनीवाल ने उदयपुर फाइल्स को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह कोई सामान्य मामला नहीं है। उन्होंने कहा, "इस मामले के तार मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के इर्द-गिर्द जुड़े हुए हैं। अगर इसकी निष्पक्ष जांच और वास्तविक खुलासा हुआ, तो भाजपा सरकार के कई कैबिनेट मंत्री और संगठन के बड़े पदाधिकारियों के नाम सामने आएंगे।" बेनीवाल ने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि मुख्य विपक्षी दल इस मामले को उठाने के बजाय पर्दे के पीछे 'सौदेबाजी' करने में जुटा है।
पीएम मोदी का दौरा केवल 'इवेंट मैनेजमेंट'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया अजमेर दौरे पर कटाक्ष करते हुए बेनीवाल ने इसे केवल एक दिखावा करार दिया। उन्होंने कहा, "भाजपा को जमीनी मुद्दों और जनता की तकलीफों से कोई लेना-देना नहीं है। पीएम का दौरा सिर्फ इवेंट मैनेजमेंट बनकर रह गया है।" बेनीवाल ने आगे कहा कि प्रदेश का युवा बेरोजगारी से और आम जनता महंगाई से त्रस्त है, लेकिन सरकार समाधान देने के बजाय भव्य मंचों और भाषणों से लोगों को गुमराह कर रही है।
यूजीसी विवाद और आरक्षण पर रुख
यूजीसी (UGC) को लेकर चल रहे विवाद पर अपनी राय रखते हुए सांसद ने कहा कि केंद्र में ओबीसी की कई जातियां सामान्य श्रेणी में आती हैं, जिससे विसंगतियां पैदा हो रही हैं। उन्होंने कहा कि यूजीसी की टीम ने शिक्षण संस्थानों में आरक्षित वर्गों के साथ हो रहे अन्याय को देखा है। बेनीवाल ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी हर वर्ग के साथ न्याय की पक्षधर है और भ्रामक प्रचार करने वालों को जनता के सामने बेनकाब किया जाएगा।
गहलोत-वसुंधरा और 'सांठगांठ' की राजनीति
हनुमान बेनीवाल ने पूर्व मुख्यमंत्रियों वसुंधरा राजे और अशोक गहलोत पर प्रदेश में जातिवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इन दोनों नेताओं के कार्यकाल में जातीय द्वेष बढ़ा और प्रदेश में गैंगवार जैसी आपराधिक घटनाओं में इजाफा हुआ।
वहीं, विधानसभा में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और किरोड़ी लाल मीणा के बीच तल्खी न होने पर उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "दोनों के बीच अब जगजाहिर सांठगांठ हो गई है। विधानसभा के फ्लोर पर संसदीय परंपराओं का मजाक उड़ रहा है और मंत्री जवाब देने की स्थिति में नहीं हैं।"
RLP का कुनबा बढ़ा: सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने ली सदस्यता
इस दौरान बेनीवाल के जयपुर आवास पर सांगठनिक मजबूती भी देखने को मिली। नावां विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस नेता रामनिवास पोषक और प्रभुराम के नेतृत्व में डीडवाना-कुचामन जिले के लगभग 500 सक्रिय कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस छोड़कर आरएलपी का दामन थाम लिया। बेनीवाल ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि आगामी निकाय और पंचायती राज चुनावों में आरएलपी एक बड़ी ताकत बनकर उभरेगी।
नोट: हनुमान बेनीवाल ने अंत में दोहराया कि राजस्थान का युवा सोशल मीडिया और जमीन पर भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ है, जिसका ट्रेलर हाल ही में 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर चले ट्रेंड्स में देखने को मिला है।