जैसलमेर बॉर्डर पर तेलंगाना का युवक गिरफ्तार 25 लाख की वसूली या जासूसी ? दुबई कनेक्शन ने उड़ाए होश!
भारत-पाक सीमा पर संदिग्ध अशफाक हुसैन हिरासत में 25 लाख के लेन-देन और दुबई लिंक की जांच जारी। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
राजस्थान के जैसलमेर में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास सुरक्षा एजेंसियों ने तेलंगाना के एक युवक को हिरासत में लिया है प्रतिबंधित क्षेत्र में संदिग्ध रूप से घूमते पाए गए इस युवक से अब देश की तमाम बड़ी सुरक्षा एजेंसियां संयुक्त पूछताछ कर रही हैं पकड़े गए युवक की पहचान तेलंगाना निवासी 38 वर्षीय अशफाक हुसैन के रूप में हुई है पुलिस और खुफिया एजेंसियां इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही हैं कि आखिर यह युवक सीमा के इतने करीब संवेदनशील इलाके में कैसे पहुंचा और इसके पीछे का असली मकसद क्या है।
होटल व्यवसाय के बहाने जैसलमेर पहुंचा युवक
म्याजलार थानाधिकारी सज्जन सिंह ने बताया कि अशफाक हुसैन को 18 फरवरी को गुंजनगढ़ के पास प्रतिबंधित क्षेत्र में घूमते हुए ग्रामीणों ने देखा था। सीमाजन कल्याण समिति के सदस्य भोजराज सिंह और भाखर सिंह को उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं,जिसके बाद उन्होंने उसे पकड़कर सीमा सुरक्षा बल (BSF) के हवाले कर दिया प्राथमिक पूछताछ के बाद युवक को म्याजलार पुलिस को सौंप दिया गया।
तलाशी के दौरान अशफाक के पास से उसका पासपोर्ट और आधार कार्ड बरामद हुआ है पूछताछ में उसने एक दिलचस्प कहानी सुनाई है। अशफाक का दावा है कि उसने तेलंगाना में होटल व्यवसाय शुरू करने के लिए राजेश चौधरी नाम के एक व्यक्ति को 25 लाख रुपए दिए थे पैसा लेने के बाद राजेश गायब हो गया और उसे सूचना मिली कि वह जैसलमेर के सम इलाके में छिपा हुआ है अशफाक के मुताबिक,वह उसी राजेश को ढूंढने और अपने पैसे वसूलने के लिए यहां आया था,लेकिन रास्ता भटकने की वजह से वह बॉर्डर के करीब प्रतिबंधित क्षेत्र में जा पहुंचा।
दुबई कनेक्शन और मोबाइल डेटा की गहन जांच
भले ही युवक इसे एक सामान्य लेन-देन का मामला बता रहा हो,लेकिन सुरक्षा एजेंसियां इसे हल्के में नहीं ले रही हैं अशफाक के पास से बरामद पासपोर्ट से पता चला है कि उसका पुराना दुबई कनेक्शन है उसने बताया कि वह पहले दुबई में अपने चाचा के होटल में काम करता था और कुछ समय पहले ही तेलंगाना लौटा था एजेंसियां अब उसके विदेशी दौरों,यात्रा रिकॉर्ड और दुबई में उसके संपर्कों की पूरी कुंडली खंगाल रही हैं।
सुरक्षा एजेंसियां अब 'राजेश चौधरी' नाम के उस शख्स की तलाश में जुटी हैं, जिसका नाम अशफाक ने लिया है पुलिस यह पुष्टि करने की कोशिश कर रही है कि क्या वास्तव में इन दोनों के बीच कोई वित्तीय लेन-देन हुआ था या यह सिर्फ सुरक्षा घेरे से बचने के लिए बनाई गई एक मनगढ़ंत कहानी है फिलहाल युवक का मोबाइल जब्त कर लिया गया है और उसका कॉल डेटा रिकॉर्ड व सोशल मीडिया चैट्स स्कैन किए जा रहे हैं संयुक्त पूछताछ कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद ही इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी और यह साफ हो पाएगा कि यह केवल रास्ता भटकने का मामला है या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश छिपी है।