बिना डिग्री इलाज! बाड़मेर में झोलाछाप पर स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, अवैध क्लीनिक सीज।
बाड़मेर जिले के गडरा रोड क्षेत्र स्थित गांव सामीर का पार में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने अवैध रूप से चिकित्सा अभ्यास कर रहे एक झोलाछाप के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। बिना किसी वैध डिग्री या अनुज्ञा पत्र के इलाज करते पाए जाने पर असरफ खान का अवैध क्लीनिक दवाइयों और जांच उपकरणों सहित सीज किया गया। मौके से बिना अनुमति की दवाइयां, जांच उपकरण और जैव-चिकित्सकीय कचरा भी बरामद हुआ। पुलिस की मौजूदगी में की गई इस कार्रवाई के बाद विभाग ने जिलेभर में झोलाछापों के खिलाफ विशेष अभियान तेज करने और आमजन से सहयोग की अपील की है।
बाड़मेर | 29 जनवरी
ग्रामीण क्षेत्रों में आमजन के स्वास्थ्य से खुलेआम खिलवाड़ कर रहे झोलाछापों के खिलाफ चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। बुधवार को गडरा रोड क्षेत्र के गांव सामीर का पार में अवैध रूप से चिकित्सा अभ्यास की सूचना पर विभागीय टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान सामने आया कि असरफ खान नामक व्यक्ति बिना किसी वैध अनुज्ञा पत्र या चिकित्सकीय योग्यता के चिकित्सा गतिविधियां संचालित कर रहा था। मौके पर एक कमरे से बड़ी मात्रा में बिना अनुमति की दवाइयां, जांच उपकरण और जैव-चिकित्सकीय कचरा बरामद किया गया, जो न केवल नियमों का उल्लंघन था, बल्कि आमजन के जीवन के लिए भी गंभीर खतरा साबित हो सकता था।
पुलिस की मौजूदगी में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विष्णुराम विश्नोई एवं उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. महिपाल सिंह के नेतृत्व में संयुक्त कार्रवाई करते हुए संबंधित भवन को दवाइयों और जांच उपकरणों सहित सीज कर दिया गया। साथ ही पूरे मामले में विस्तृत जांच प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, सरहदी क्षेत्रों सहित जिले के विभिन्न गांवों व ढाणियों में झोलाछापों द्वारा अवैध चिकित्सा अभ्यास की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। गंभीरता को देखते हुए विभाग ने झोलाछापों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया है, जिसके तहत ऐसे मामलों पर त्वरित और कठोर कार्रवाई की जा रही है।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने आमजन और जागरूक नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके आसपास कहीं भी बिना पंजीकरण या डिग्री के चिकित्सा अभ्यास की जानकारी मिले, तो उसकी सूचना विभाग को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर जनस्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।