जिन हाथों में कलम होनी थी वो हाथ जकड़े गए हथकड़ियों में, हल्दी की सब्जी ने पहुंचाया सलाखों के पीछे।
पुलिस के हाथ लगी बड़ी सफलता। 7 साल से फरार इनामी तस्कर रूघाराम गुजरात में पकड़ा गया। रूघाराम के जीवन की कड़िया और पहलू एक के बाद जब पुलिस में सामने खुले तो वो हैरान कर देने वाला मामला था।
एक अनसुनी कहानी जो वास्तव में एक रियल लाइफ घटना है जो आपको किसी फिल्म के जैसी लगेगी। पर वो कोई फिल्मी कहानी नहीं बल्कि गिड़ा (बालोतरा) निवासी रूघाराम से जुड़ी हुई है जहां पहले प्यार फिर धोखा फिर मिली सलाखें। जहां एक हल्दी की सब्जी बनी कमजोरी रूघाराम हत्थे चढ़ा पुलिस के।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार
करीब 7 साल से फरार एक इनामी तस्कर जो पुलिस टीम के हत्थे चढ़ा वो भी एक सब्जी खाने के चक्कर में।
IG कुमार ने बताया कि रूघाराम नाम का व्यक्ति जो कई वर्षों से फरार था जिस पर करीब 25 हजार का इनाम घोषित किया हुआ था। पकड़ा ना जाए इस डर से आरोपी राजस्थान से फरार चल रहा था और अन्य राज्यों में रहकर जो है वो ट्रक के माध्यम से अवैध रूप से मादक पदार्थों की तस्करी करता था।
सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार यह भी तथ्य सामने आया है कि रूघाराम जो है वह बहुत होनहार और होशियार विद्यार्थी था। इस दरमियान ही उसकी दोस्ती एक महिला मित्र से हुई और रूघाराम उसके खर्च भी उठाता था। परिवार वालों ने रूघाराम को उच्च अध्ययन हेतु बाहर भेजा पर संभवतः उस महिला मित्र चलते वो अपना अध्ययन। पूर्ण नहीं कर पाया। कुछ समय उपरांत ही कुछ कारणों से उन दोनों के बीच अनबन हो गई तो उस महिला मित्र ने रूघाराम पर बलात्कार का आरोप लगाकर मामला दर्ज करवा दिया। जिसके चलते रूघाराम को जेल हुई और उस सजा के दौरान उसकी अन्य बदमाशों से जेल में संपर्क हुआ। जिसने उसकी लाइफ बदल दी। रूघाराम ने जेल से बाहर आकर मादक पदार्थों की तस्करी शुरू कर दी।
पिता के ATM कार्ड से मामला दर्ज
सूत्रों के अनुसार रूघाराम जेल से बाहर आकर तस्करी की लाइन में चला गया। घरवालों ने समझाइश की पर असफल रहे।
वो अंतिम बार सप्लाई के लिए मेवाड़ से रवाना हुआ पर गाड़ी पलट गई। वो तो मौके से भाग गया पर गाड़ी में रखे atm कार्ड जिस पर उसके पिता सताराम का नाम लिखा हुआ था को आधार बनाते हुए पुलिस द्वारा उसके खिलाफ मामला दर्ज कर तहकीकात शुरू की गई।
हल्दी की सब्जी बनी रूघाराम की कमजोरी
पुलिस ने बताया कि उस घटना के बाद वह यहां से भाग गया और अन्य राज्यों में रहकर जो है अपना नेटवर्क बनाने लगा।
पुलिस की जांच पड़ताल से एक पारिवारिक पहलू सामने आया जिसमें यह फैक्ट सामने आया कि रूघाराम के परिवार वाले उससे मिलते हैं ।
जैसे ही इस बार परिवार वाले मिलने गुजरात पहुंचे तो पुलिस टीम ने अपना दांव खेला। पुलिस द्वारा गुजरात जाकर वहां के ट्रक ड्राइवरो को रूघाराम का रिश्तेदार बताया गया और यह भी बताया गया कि रूघाराम के परिवार द्वारा उसके लिए हल्दी की सब्जी भेजी गई है अगर समय पर नहीं खिलाई तो खराब हो जाएगी। वहां के ट्रक ड्राइवरो ने इधर उधर फोन कर रूघाराम का पता लगाया और पुलिस वालों को (जो रूघाराम के रिश्तेदार बने हुए थे) पूरी जानकारी दी। जिसके चलते पुलिस टीम द्वारा जो है ट्रक में सो रहे रूघाराम को धर दबोचा।