राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव की हलचल तेज: मार्च में बैलेट पर होगा ग्रामीण सत्ता का महासंग्राम

राजस्थान में पंचायती राज संस्थाओं (ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद) के चुनाव 2026 में होने हैं, क्योंकि अधिकांश संस्थाओं का कार्यकाल जनवरी-फरवरी 2026 में समाप्त हो रहा है। राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची अपडेट और अन्य तैयारियां शुरू कर दी हैं।

Jan 28, 2026 - 16:16
राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव की हलचल तेज: मार्च में बैलेट पर होगा ग्रामीण सत्ता का महासंग्राम

जयपुर: राजस्थान की ग्रामीण राजनीति में एक बार फिर उथल-पुथल मचने वाली है। राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायतीराज संस्थाओं के चुनावों की तैयारी पूरी कर ली है और मार्च में ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों तथा जिला परिषदों के लिए मतदान करवाने की योजना बना रहा है। 25 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद कभी भी चुनाव कार्यक्रम की घोषणा हो सकती है, जिसके साथ ही पूरे प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी। यह चुनाव न केवल ग्रामीण विकास की दिशा तय करेंगे, बल्कि राजनीतिक दलों के लिए भी एक बड़ा इम्तिहान साबित होंगे, खासकर जब विपक्ष सरकार पर चुनाव टालने के आरोप लगा रहा है।

चुनाव की भव्यता: 1 लाख से ज्यादा पदों पर होगा मुकाबला

इस बार चुनाव की स्केल काफी बड़ी है। राजस्थान में हाल ही में 3,441 नई ग्राम पंचायतें बनाई गई हैं, जिससे कुल ग्राम पंचायतों की संख्या बढ़कर 14,635 हो गई है। इन पंचायतों में 45,000 से अधिक नए वार्ड जोड़े गए हैं, जिसके चलते वार्ड पंचों के पदों की कुल संख्या 1 लाख से ऊपर पहुंच गई है। चुनाव में 1 लाख से ज्यादा वार्ड पंच और 14,635 सरपंच पदों के लिए मतदान होगा। यह संख्या पिछले चुनावों से काफी अधिक है, जो ग्रामीण स्तर पर राजनीतिक भागीदारी को बढ़ावा देगी।

इसके अलावा, प्रदेश में 85 नई पंचायत समितियां और 8 नई जिला परिषदें भी गठित हुई हैं, जिससे पंचायत समितियों की कुल संख्या 450 और जिला परिषदों की 41 हो गई है। मार्च में 29 जिला परिषदों में सदस्यों और जिला प्रमुखों के चुनाव होंगे, जबकि 450 पंचायत समितियों में से करीब 400 में सदस्यों और प्रधान पदों पर मतदान होगा। हालांकि, 12 पुरानी जिला परिषदों का कार्यकाल बाद में समाप्त होगा, इसलिए उनका चुनाव फिलहाल टाला जाएगा।

बैलेट vs ईवीएम: इस बार पारंपरिक तरीके से होगा मतदान

चुनाव में एक बड़ा बदलाव यह है कि पंच और सरपंच पदों के लिए ईवीएम की बजाय बैलेट पेपर (मतपत्र) का इस्तेमाल किया जाएगा। राज्य निर्वाचन आयोग ने कलेक्टरों को जारी गाइडलाइंस में इसकी स्पष्ट तैयारी के निर्देश दिए हैं। केवल जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव ईवीएम से करवाए जाएंगे, लेकिन अगर ईवीएम की कमी हुई तो कुछ जगहों पर बैलेट बॉक्स का सहारा लिया जाएगा। यह फैसला चुनावी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से लिया गया है, हालांकि इससे मतगणना में समय लग सकता है।

देरी के कारण: कार्यकाल पूरा होने के बावजूद टलते रहे चुनाव

प्रदेश की अधिकांश पंचायतों का कार्यकाल एक साल पहले ही समाप्त हो चुका है। फिलहाल, पुराने सरपंचों और वार्ड पंचों की कमेटियां बनाकर सरपंचों को प्रशासक की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि पंचायत समितियों और जिला परिषदों में अधिकारियों को प्रशासक बनाया गया है। चुनाव में देरी के चलते केंद्रीय वित्त आयोग का 3,000 करोड़ रुपये का फंड अटक गया है, जो चुनाव होने के बाद ही जारी होगा। यह फंड ग्रामीण विकास के लिए महत्वपूर्ण है और इसके अटकने से कई योजनाएं प्रभावित हुई हैं।

राजनीतिक घमासान: विपक्ष का हमला और सरकार की मजबूरी

चुनाव टालने पर विपक्षी कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर लगातार हमले किए हैं। कांग्रेस नेता आरोप लगाते हैं कि सरकार हार के डर से चुनाव टाल रही है। शुरुआत में सरकार ने 'वन स्टेट वन इलेक्शन' की अवधारणा के तहत सभी निकायों और पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव एक साथ करवाने की घोषणा की थी, लेकिन संवैधानिक बाधाओं के कारण यह संभव नहीं हो सका। संविधान के अनुसार, पंचायत चुनाव हर पांच साल में अनिवार्य हैं और आपात स्थिति में भी केवल छह महीने तक टाले जा सकते हैं।

सुप्रीम कोर्ट का दखल: अप्रैल तक चुनाव जरूरी

चुनाव न करवाने और प्रशासक लगाने के मुद्दे पर हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दाखिल हुईं। सुप्रीम कोर्ट ने अप्रैल तक चुनाव करवाने के सख्त आदेश दिए हैं, जिसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने तेजी से तैयारी शुरू की। अब 28 फरवरी या मार्च के पहले सप्ताह में चुनाव कार्यक्रम घोषित होने की उम्मीद है।यह चुनाव न केवल ग्रामीण नेतृत्व को नया रूप देंगे, बल्कि राजनीतिक दलों की ताकत का भी परीक्षण करेंगे। ग्रामीण मतदाताओं की नजर में यह एक बड़ा अवसर है, जहां विकास के मुद्दे प्रमुख रहेंगे। चुनाव आयोग की ओर से पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सभी इंतजाम किए जा रहे हैं।