बाड़मेर–जैसलमेर की राजनीति में फिर दिखी तन सिंह जी की झलक, रवींद्र भाटी चर्चा में

रवींद्र भाटी की कार्यशैली में लोगों को फिर दिख रही है पूर्व सांसद तन सिंह जी जैसी जनसेवा।

Feb 9, 2026 - 11:15
बाड़मेर–जैसलमेर की राजनीति में फिर दिखी तन सिंह जी की झलक, रवींद्र भाटी चर्चा में

बाड़मेर–जैसलमेर की राजनीति को लंबे समय तक करीब से देखने वाले शिक्षाविद् कमल सिंह जी अपने अनुभवों को याद करते हुए बताते हैं कि पूर्व सांसद तन सिंह जी का व्यक्तित्व लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय था। वे कहते हैं कि तन सिंह जी हमेशा जनता के बीच रहते थे और उनके भीतर कभी भी ‘मैं’ की भावना नहीं दिखती थी।

उस दौर में जब संसदीय क्षेत्र बहुत बड़ा था और सुविधाएं भी सीमित थीं, तब भी तन सिंह जी जीप से गांव–ढाणियों तक पहुंचते थे। लोग उनके आने की खबर सुनते ही उनसे मिलने के लिए उमड़ पड़ते थे। जनता की समस्याएं सुनना और मौके पर पहुंचकर समाधान की कोशिश करना उनकी आदत थी। यही वजह थी कि वे आम लोगों के बीच भरोसे का दूसरा नाम बन गए थे।

कमल सिंह जी का कहना है कि आज के परिवेश में रवींद्र सिंह भाटी की कार्यशैली में उन्हें तन सिंह जी की छवि की झलक दिखाई देती है। बदलते समय के बावजूद भाटी लोगों तक सीधे पहुंचने का प्रयास करते हैं। वे बताते हैं कि जहां कहीं भी कोई विवाद या समस्या सामने आती है, वहां रवींद्र सिंह भाटी तुरंत पहुंचते हैं और लोगों की बात ध्यान से सुनते हैं।

जनता की नजर में यही सक्रियता उनकी पहचान बना रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग कहते हैं कि भाटी उनके पास आए, उनकी बात सुनी और मदद करने की कोशिश की यही भाव उन्हें जनता से जोड़ता है। कमल सिंह जी मानते हैं कि जनता के साथ सीधा संवाद ही किसी नेता की सबसे बड़ी ताकत होती है। पुराने समय के नेताओं में यह गुण अधिक देखने को मिलता था, और अब वही प्रयास कुछ हद तक रवींद्र सिंह भाटी जैसे युवा नेताओं में दिखाई दे रहा है।

वे कहते हैं कि राजनीति में सफलता सिर्फ पद या सत्ता से नहीं आती, बल्कि लोगों के बीच बने विश्वास से आती है। जब नेता जनता के सुख–दुख में साथ खड़ा होता है, तो वही संबंध आगे चलकर मजबूत राजनीतिक नींव तैयार करता है।