संसद में हनुमान बेनीवाल की जोरदार हुंकार ओएमआर घोटाला पेपर लीक, बेरोजगारी और किसानों की पीड़ा पर सरकार को घेरा
संसद की सर्वदलीय बैठक में नागौर सांसद एवं आरएलपी अध्यक्ष हनुमान बेनीवाल ने कई गंभीर जनहित के मुद्दे उठाए। मुख्य फोकस: राजस्थान में ओएमआर गड़बड़ी और पेपर लीक से बेरोजगार युवाओं के साथ अन्याय
नई दिल्ली, 27 जनवरी 2026
बजट सत्र के आगाज से ठीक पहले संसद भवन में हुई सर्वदलीय बैठक में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने एक बार फिर जनता की जुबानी सरकार को आईना दिखाया। बैठक में उन्होंने राजस्थान सहित देशभर के युवाओं, किसानों और आम जनता से जुड़े गंभीर मुद्दों को जोर-शोर से उठाया। खासकर ओएमआर गड़बड़ी, पेपर लीक घोटाले, बेरोजगारी, खाद की किल्लत, एमएसपी पर भ्रष्टाचार और अरावली पर्वतमाला के संरक्षण जैसे संवेदनशील विषयों पर उन्होंने सरकार से स्पष्ट रुख और तत्काल कार्रवाई की मांग की।हनुमान बेनीवाल ने बैठक में कहा कि राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (आरएसएसबी) द्वारा आयोजित परीक्षाओं में ओएमआर शीट्स में हुई धांधली और पेपर लीक के कई मामलों ने लाखों बेरोजगार युवाओं के सपनों पर पानी फेर दिया है। उन्होंने इसे युवाओं के साथ "कुठाराघात" करार देते हुए कई व्यावहारिक सुझाव भी प्रस्तुत किए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर लगाम लगाई जा सके।
किसानों के मुद्दों पर तीखा प्रहार
सांसद बेनीवाल ने किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता दी। उन्होंने बताया कि राजस्थान सहित कई राज्यों में खाद की भारी किल्लत है, जिससे फसलें प्रभावित हो रही हैं। एमएसपी पर खरीद में व्याप्त भ्रष्टाचार, समय पर खाद न मिलने की समस्या और फसल बीमा योजना की खामियों पर उन्होंने विस्तार से प्रकाश डाला। मुआवजे में देरी, किसानों की आय दोगुनी करने के दावों की सच्चाई पर सवाल उठाए और एमएसपी को कानूनी गारंटी देने की पुरानी मांग को दोहराया।
अन्य प्रमुख मांगें बेरोजगारी और महंगाई पर संसद में विशेष चर्चा।
अरावली पर्वतमाला के संरक्षण के लिए सरकार का स्पष्ट रुख।
शिक्षा, स्वास्थ्य, विदेश नीति और सामाजिक सौहार्द से जुड़े मुद्दों पर अलग-अलग विशेष चर्चाएं।
महिलाओं, दलितों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों से संबंधित मामलों पर जवाबदेही।
नियम 377 के तहत उठाए गए मुद्दों पर समय पर जवाब और शून्य काल में तत्काल वक्तव्य।
हनुमान बेनीवाल ने बैठक में सदन के सुचारू संचालन, जनहित के मुद्दों पर व्यापक बहस और मंत्रियों से सीधे जवाबदेही सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।यह बैठक बजट सत्र के पहले दिन महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जहां विपक्षी और सत्ताधारी दलों के बीच इन मुद्दों पर तीखी बहस की उम्मीद है। सांसद बेनीवाल की इन मांगों से स्पष्ट है कि वे किसानों, युवाओं और पर्यावरण जैसे जन-केंद्रित मुद्दों पर लगातार दबाव बनाए रखने के मूड में हैं।
जनता की आवाज संसद तक पहुंचाने का प्रयास जारी
हनुमान बेनीवाल ने हमेशा की तरह संसद को जनता की समस्याओं का मंच बनाया है। उनकी यह सक्रियता राजस्थान और देशभर के लाखों लोगों के लिए उम्मीद की किरण बनी हुई है। अब देखना यह है कि सरकार इन गंभीर मुद्दों पर क्या रुख अपनाती है।